उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने सरकारी आवास कालिदास मार्ग पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। बांदा दौरे पर रवाना होने से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में इलाज के लिए आर्थिक सहायता, जमीन पैमाइश, अवैध कब्जे, बिजली, सड़क और नाली-पानी निकासी जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
जनता दरबार में पहुंचे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को उपमुख्यमंत्री ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आर्थिक सहायता से जुड़ी फाइलों का निस्तारण बिना देरी के किया जाए, ताकि कोई भी गरीब व्यक्ति पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। जनता की समस्याओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उपमुख्यमंत्री ने जिला एवं शासन स्तर के अधिकारियों को फोन पर और लिखित रूप से निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। जमीन विवादों और पैमाइश के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करें और पीड़ित को न्याय दिलाएं। बिजली विभाग को ओवरबिलिंग, जर्जर तारों और खराब व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, जबकि राजस्व विभाग को भूमि विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और न्यायपूर्ण समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी जमीन स्तर पर जाकर मामलों की हकीकत देखें और पीड़ित को न्याय दिलाएं।” जनता दर्शन कार्यक्रम के समापन के बाद उपमुख्यमंत्री पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बांदा जनपद के लिए रवाना हो गए।


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