N1Live Entertainment ‘मार दो या अनाथालय में छोड़ दो’, पूजा चोपड़ा के जन्म पर ससुराल वालों ने रखी थी शर्त, मां ने किया खुलासा
Entertainment

‘मार दो या अनाथालय में छोड़ दो’, पूजा चोपड़ा के जन्म पर ससुराल वालों ने रखी थी शर्त, मां ने किया खुलासा

"Kill her or leave her at an orphanage"—her in-laws had set this condition upon Pooja Chopra's birth; her mother reveals.

मिस इंडिया 2009 और एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा की मां ने पूजा के जन्म के बाद आए मुश्किल दौर की कहानी बताई है।

रियलिटी शो ‘तुम हो ना – घर की सुपरस्टार’ पर एक भावनात्मक बातचीत में पूजा की मां नीरा ने मेजबान राजीव खंडेलवाल से बातचीत के दौरान बताया कैसे उन्होंने सभी बाधाओं के बावजूद दो बेटियों की परवरिश की। बेटियों को सफलता मिलने से पहले तक यह दौर बहुत मुश्किलों से भरा रहा।

शादी के बाद अपने शुरुआती वर्षों को याद करते हुए नीरा ने कहा, “जब शादी हुई तो ससुराल बहुत अच्छा था, हम एक मिडिल क्लास परिवार थे। शादी के बाद जब पहली बेटी हुई तब भी सबका रवैया ठीक-ठाक था। उसके बाद जब बेटी डेढ़ साल की हुई तो सास को कैंसर हुआ। उनको मैं नहलाते हुए ऐसे बोलती थी कि ‘मम्मी सब ठीक हो जाएगा ना?’ तो उन्होंने मुझसे कहा, ‘अगर तुम्हारा बेटा हो जाएगा ना तो माहौल बहुत अच्छा हो जाएगा।”

कई साल बाद जब उनकी दूसरी बेटी पूजा चोपड़ा का जन्म हुआ, तो नीरा ने बताया कि कैसे जीवन में एक दर्दनाक मोड़ आया जिसने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। उस कठिन दौर के बारे में उन्होंने खुलासा किया, “मेरी बड़ी बेटी सात साल की हुई तो मुझे दूसरी बेटी हुई और वह उसको लेकर मेरे आसपास का माहौल काफी खराब हो चुका था। तीन दिन तक मुझे अस्पताल में कोई देखने को नहीं आया और कपड़े भी नहीं थे। आया चिल्लाती थी कि बच्चे ने गंदा कर दिया है। सामने एक और अधिकारी की पत्नी थी, उसका दूसरा बेटा था, तो उसने अपने बच्चे के कपड़े आया को दिए कि इसके बच्चे को पहना दो।”

उन्होंने आगे कहा, “दस दिन बाद मेरे पति आए लेने के लिए। मतलब कोई खुशी नहीं, बच्चे को उठाया नहीं, देखा नहीं। घर पर गई तो ग्यारहवें दिन से काम-वाम शुरू कराया।”

सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब नीरा ने अपनी बेटी के जन्म के बाद झेले गए दबाव का खुलासा किया। उन्होंने बताया, “जब 20 दिन हो गए और मुझे हर रोज बोलते थे कि इसे खत्म कर दो, या अनाथ आश्रम में डाल दो… अरे, मां हूं, कैसे करूं ऐसा?”

अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित होकर उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने उनका पूरे जीवन को ही बदल दिया। उन्होंने याद करते हुए कहा, “21 दिन की बच्ची को लेकर मैं घर से निकल गई। अपना घर छोड़ दिया।”

अपने पर्स में महज 81 रुपये और दो बेटियों के साथ नीरा मुंबई पहुंचीं, इस उम्मीद में कि वह अपना जीवन फिर से शुरू कर सकेंगी। उस दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा, “जब मैं कोलकाता से मुंबई आई, मेरे माता-पिता यहीं थे। दोनों बच्चों को लेकर, एक सात साल की बेटी का हाथ पकड़कर 81 रुपये मेरे पर्स में और 21 दिन की बेटी को लेकर मैं आ गई। और मुझे माफ करना, बिना टिकट के आई थी।”

उन कठिन दिनों को याद करते हुए, नीरा ने बताया कि कैसे वह नौकरी की तलाश में एक पांच सितारा होटल में चली गईं, उन्हें नहीं पता था कि और कहां जाना है। घटना को साझा करते हुए नीरा ने याद किया, “मैं नौकरी के लिए बहुत हताश थी। मैं एक पांच सितारा होटल गई थी। वहां मुझे मिसेज मोना चावला मिली, बहुत अच्छी पर्सनैलिटी थी। मुझे तो ये भी मालूम नहीं था कि वह क्या काम करती है या डायरेक्टर हैं। मैंने सीधा जाके बोला, ‘मैम प्लीज मुझे नौकरी दे दो। मैम, मुझे नौकरी चाहिए।”

फिर नीरा को उसके बाद लिया गया एक असामान्य टेस्ट भी याद आया, जब उनसे काम देने से पहले पूछा गया, “मेरे केबिन में क्या खराब है?’ मैंने बोला, ‘मैम, एसी बहुत शोर करता है और कालीन भी साफ नहीं है।’ उनके इस अवलोकन और ईमानदारी से प्रभावित होकर, चावला मैडम ने उन्हें नौकरी की पेशकश की और अगले ही दिन काम पर आने के लिए कहा।

नीरा ने कहा, उस वक्त मेरी सैलरी 900 रुपये थी। मैंने मम्मी को बोला, ‘मैं पूरा पैसा दे दूंगी, बस मेरे बच्चों के दूध के लिए थोड़ा सा रखूंगी।” सालों की लगन ने आखिरकार उनकी जिंदगी बदल दी। उस मुश्किल सफर को याद करते हुए नीरा ने बताया, “ऐसे ही करके मैंने छह साल निकाले। उसके बाद मुझे गोवा में नौकरी मिली, 900 से 6000 रुपये की नौकरी मिली और उसके बाद जिंदगी पटरी पर आई।”

अपनी बेटियों के बारे में बोलते हुए उनकी आवाज़ गर्व और भावना से भर गई। नीरा ने कहा, “मैं सच्ची बोलती हूं, अगर जन्म होते हैं बार-बार, तो मैं ऊपर वाले को यहीं बोलती हूं कि जितने जन्म दे, मुझे ये दोनों बेटियां वापस देना।”

घर छोड़ने के दिन को याद करते हुए नीरा ने खुद से किया हुआ वादा बताया। उन्होंने कहा, “मैं पलट के देखा और मैंने उनको बोला, ‘आप मेरी को इस बेटी के लिए निकाल रहे हो ना, एक दिन यह लड़की मुझे गौरवान्वित करेगी। और विश्वास कीजिए आज मेरी बेटी ने मुझे गर्व महसूस कराया।”

Exit mobile version