June 25, 2026
National

कोलकाता गोदाम हादसा: राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की

Kolkata warehouse tragedy: President and Vice President express grief, offer condolences to the families of the deceased.

25 जून । कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं और कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान जारी है।

राष्ट्रपति भवन द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा गया कि कोलकाता में एक गोदाम की छत गिरने से लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।

वहीं, उपराष्ट्रपति ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि कोलकाता में गोदाम ढहने की घटना में लोगों की मौत से वह बेहद व्यथित हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को विधानसभा में घटना पर बयान देते हुए मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने घायलों के लिए एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भी पहले ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा कर चुका है।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने विधानसभा में बताया कि बुधवार दोपहर हादसा होने के 30 मिनट के भीतर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था। प्रारंभिक राहत एवं बचाव कार्य कोलकाता पुलिस, राज्य अग्निशमन सेवा और स्थानीय लोगों ने मिलकर शुरू किया। बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और भारतीय सेना के जवान भी अभियान में शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा और गुरुवार को भी राहत कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि घायलों का इलाज जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है और उन्हें निकालने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से खेल मंत्री इंद्रनील खान और नगर मामलों एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे थे। इसके बाद अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की।

उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए थे, लेकिन शुरुआती चरण में उनके मौके पर पहुंचने से बचाव अभियान में बाधा आ सकती थी। इसलिए उन्होंने पहले प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का प्रबंधन किया और बाद में घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।

Leave feedback about this

  • Service