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केटीआर ने रेवंत रेड्डी को दी चुनौती दी, कहा- सभी वादे पूरे करने के बाद ही चुनाव लड़ें

KTR challenges Revanth Reddy, says he should contest elections only after fulfilling all promises

तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि वे तब तक किसी भी चुनाव में वोट मांगने न जाएं, जब तक कांग्रेस 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 420 वादों और छह गारंटियों को पूरी तरह लागू नहीं कर देती।

कैंटोनमेंट विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक बार फिर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी यह कह रहे हैं कि यदि किसानों के पंपसेटों पर बिजली मीटर लगाए गए तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन असली सवाल यह है कि कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने से क्यों बच रही है।

केटीआर ने कहा कि मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करनी चाहिए कि जब तक इंदिरम्मा हाउसिंग योजना के तहत गरीबों को घर नहीं दिए जाते, सभी गारंटियां लागू नहीं होतीं और विधानसभा चुनाव में किए गए वादे पूरे नहीं होते, तब तक वे जनता से वोट नहीं मांगेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा प्रस्तावित अलग ‘फार्मर्स डिस्कॉम’ का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिल रही 24 घंटे मुफ्त बिजली व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म करना है। केटीआर ने याद दिलाया कि विपक्ष में रहते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा था कि किसानों के लिए तीन घंटे बिजली ही पर्याप्त है। उनके अनुसार, वर्तमान योजना उसी सोच को सरकारी नीति में बदलने का प्रयास है।

केटीआर ने कहा, “फार्मर्स डिस्कॉम का असली मकसद केसीआर द्वारा शुरू की गई ऐतिहासिक 24 घंटे मुफ्त बिजली योजना को खत्म करना है। कांग्रेस सरकार इसे किसानों के हित का नाम देकर अपनी किसान-विरोधी सोच छिपाने की कोशिश कर रही है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार तेलंगाना की सबसे महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं में से एक को कमजोर करने की साजिश कर रही है। केटीआर ने कहा कि सरकार एक ओर मुफ्त बिजली देने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर ऐसी नीतियां बना रही है जो भविष्य में किसानों को निर्बाध बिजली से वंचित कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए केटीआर ने कहा कि किसानों के प्रति उनकी चिंता ‘तुरई में घी जितनी’ है। उन्होंने फार्मर्स डिस्कॉम को किसानों के गले का फंदा बताते हुए दावा किया कि इसका अंतिम उद्देश्य कृषि क्षेत्र से मुफ्त बिजली पूरी तरह समाप्त करना है।

उन्होंने किसानों के साथ-साथ शहरी नागरिकों से भी इस कथित साजिश का विरोध करने की अपील की। केटीआर ने कहा कि तेलंगाना की जनता अब समझ चुकी है कि रेवंत रेड्डी बार-बार अपने वादों से पीछे हटते रहे हैं और इसलिए उनकी नई घोषणाओं पर भरोसा करना मुश्किल है।

पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) का जिक्र करते हुए केटीआर ने कहा कि तेलंगाना बनने से पहले कांग्रेस शासन के दौरान राज्य गंभीर बिजली संकट और कटौती से जूझता था। उद्योगों को पावर हॉलिडे घोषित करने पड़ते थे और किसान सबसे अधिक परेशान होते थे। उन्होंने दावा किया कि केसीआर ने सत्ता संभालने के छह महीने के भीतर बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया और पूरे राज्य में 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई।

केटीआर ने यह भी कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में केसीआर पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने किसानों को 24 घंटे मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था लागू की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अब उसी विरासत को मिटाने की कोशिश कर रही है।

हैदराबाद के विकास को लेकर भी केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राजधानी में कोई बड़ा विकास कार्य दिखाई नहीं दिया। कैंटोनमेंट उपचुनाव के दौरान मंत्रियों, खासकर पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने 6,000 घर देने का वादा किया था, लेकिन ढाई साल बाद भी न तो कैंटोनमेंट और न ही हैदराबाद के लोगों को एक भी घर मिला है। केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार वादों पर खरी उतरने में पूरी तरह विफल रही है।

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