कुरुक्षेत्र में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (बलात्कार और पीओसीएसओ अधिनियम के तहत मामलों के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) की अदालत ने एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में एक व्यक्ति को उसके शेष जीवन के लिए कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कैथल निवासी विक्रम (30), उर्फ विक्की को दोषी ठहराया और उस पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
कुरुक्षेत्र पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला 2 जून, 2023 का है, जब पेहोवा की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी, जो खेलने गई थी, घर नहीं लौटी। बच्ची की तलाश करते समय परिवार को पता चला कि पुलिस एक घायल नाबालिग लड़की को लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल ले गई है।
चिकित्सा जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि लड़की के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। घटना के बाद एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान विक्रम को गिरफ्तार कर लिया गया। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने अपने आदेश में विक्रम को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 365 और 366 के तहत दंडनीय अपराधों के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पीओसीएसओ) अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने उसे आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई और उस पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

