May 12, 2026
National

‘लाखों छात्रों ने सालभर की थी तैयारी’, नीट यूजी पर छात्र संगठनों की नाराजगी

‘Lakhs of students spent a year preparing’, student organisations express displeasure over NEET UG

12 मई । देशभर में 3 मई को आयोजित की गई, मेडिकल की नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसके बाद विभिन्न छात्र संगठन नीट यूजी पेपर लीक व परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर प्रश्न कर रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा में इस प्रकार की अनियमितता लाखों छात्रों के लिए बड़ी निराशा बनकर उभरी है। लाखों छात्र बीते पूरे साल से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे। ऐसे में परीक्षा रद्द होना व प्रश्न लीक होना इन छात्रों व अभिभावकों के लिए मानसिक व आर्थिक रूप से बड़ा झटका है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) का कहना है कि उनके निरंतर संघर्ष के बाद सरकार को नीट परीक्षा रद्द करनी पड़ी। लेकिन सिर्फ परीक्षा रद्द कर देने से न्याय पूरा नहीं होगा। जब तक पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क, एनटीए की जवाबदेही और इस पूरी मिलीभगत पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक छात्रों की लड़ाई जारी रहेगी।

एनएसयूआई का कहना है कि एनटीए जैसी संस्था को बंद किया जाए, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और पूरे पेपर लीक स्कैम की स्वतंत्र जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए। एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ का कहना है कि परीक्षा का रद्द हो जाना इस बात का प्रमाण है कि गड़बड़ी बड़े स्तर पर हुई थी पर कुछ सवालों के जवाब पर अभी भी चुप्पी है। उन्होंने कहा कि वे कौन से बड़े ग्रुप हैं जो इस पेपर लीक में शामिल थे। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं, पेपर लीक एवं विश्वसनीयता पर गहन चिंता व्यक्त की है।

अभाविप का कहना है कि विभिन्न रिपोर्ट्स में सामने आई जानकारी ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के मन में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न की है। अभाविप का स्पष्ट मत है कि प्रवेश परीक्षाओं की सुचिता एवं विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। छात्र संगठन का कहना है कि परीक्षा से पूर्व प्रश्न लीक होना केवल परीक्षा प्रणाली पर आघात नहीं है, बल्कि वर्षभर मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय भी है। अभाविप ने केंद्र सरकार से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की है।

छात्रों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों से जांच करवाई जाए व इसमें संलिप्त व्यक्तियों, परीक्षा-माफियाओं व किसी भी स्तर पर सहयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जांच पूर्ण होने तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पूरे प्रकरण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के समक्ष तथ्य स्पष्ट करे। अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सोलंकी के मुताबिक, लाखों विद्यार्थी वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद नीट जैसी परीक्षाओं में सम्मिलित होते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके मनोबल एवं भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है।

इसलिए आवश्यक है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए। अभाविप लगातार यह मांग करती रही है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों की निगरानी एवं जवाबदेही की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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