June 4, 2026
National

लाहौल-स्पीति में भूस्खलन: जाहलमा नाले के पास दरकी पहाड़ी, संसारी-तिन्दी-तांदी मार्ग पूरी तरह ठप

Landslide in Lahaul-Spiti: Hill near Jahlma drain collapses, Sansari-Tindi-Tandi road completely blocked

28 मई । लाहौल घाटी में जाहलमा नाले के पास स्थित दरकी पहाड़ी से लगातार भारी भूस्खलन हो रहा है। इससे संसारी-तिन्दी-तांदी सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। जाहलमा पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है। पिछले दो दिनों से पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें और मलबा गिरने का सिलसिला जारी है, जिसके कारण सैकड़ों वाहन दोनों ओर फंस गए हैं।

जाहलमा नाले के समीप लगातार हो रहे भूस्खलन ने स्थानीय प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। पुल के ठीक ऊपर की पहाड़ी से गिरते पत्थरों के कारण पुल के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मार्ग को सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद कर दिया है।

सड़क बंद होने से पांगी, तिन्दी और उदयपुर की ओर जाने वाले मालवाहक वाहनों और यात्री वाहनों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। सड़क के दोनों छोर पर भारी वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई ट्रक चालक पिछले 24 घंटे से ज्यादा समय से फंसे हुए हैं और मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना और उपमंडल अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को तत्काल सड़क बहाल करने के निर्देश दिए। बीआरओ की टीमें वैकल्पिक मार्ग खोलने और मलबा हटाने का काम तेजी से कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि हल्के वाहनों के लिए मार्ग जल्द बहाल किया जाएगा, लेकिन मौके पर लगातार पत्थर गिरने के कारण काम में दिक्कत आ रही है।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से तुरंत सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की मांग की है। कई यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर जाहलमा नाले को पैदल पार कर रहे हैं।

एक फंसे हुए यात्री सतीश कुमार ने बताया, “हम सीमेंट लेकर जा रहे थे। पूरे दिन ट्रैवल करने के बाद यहां पहुंचे। सुबह पहाड़ी से पत्थर गिरा और रोड ब्लॉक हो गया। बड़ी गाड़ियों के लिए समस्या बहुत ज्यादा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कल शाम तक कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अभी पक्का कुछ नहीं है।”

एक अन्य यात्री ने कहा, “पुल क्षतिग्रस्त होने का खतरा है। हम जंगलों के बीच फंस गए हैं। खाने-पीने की सामग्री भी कम हो रही है। प्रशासन ने बताया कि छोटी गाड़ियों को कल शाम तक निकाला जा सकता है, जबकि बड़ी गाड़ियों के लिए 10 से 15 दिन लग सकते हैं।”

वर्तमान में जाहलमा पुल और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह खतरे की जद में है। बीआरओ और जिला प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए हैं। यदि भूस्खलन थमा तो सड़क को चरणबद्ध तरीके से खोलने की योजना है। लाहौल-स्पीति की ऊंचाई वाली सड़कें और खराब मौसम अक्सर ऐसी घटनाओं का कारण बनते हैं।

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