August 31, 2026
National

अमरनाथ यात्रा 2026 के सफल आयोजन पर एलजी मनोज सिन्हा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को किया सम्मानित

LG Manoj Sinha felicitated officials and staff for the successful conduct of the Amarnath Yatra 2026.

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के सफल आयोजन में योगदान देने वाले श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड, सिविल प्रशासन, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीमा सड़क संगठन, चिकित्सा कर्मियों, सेवा प्रदाताओं और अन्य हितधारकों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प, सेवा भावना और समर्पण का प्रतीक है, जिसने कठिनाइयों को कर्तव्य और चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।

उन्होंने अपने संबोधन में अधिकारियों, सुरक्षा बलों के जवानों, सफाई कर्मियों, घोड़ा संचालकों, पिट्ठू सेवा प्रदाताओं, पालकी वाहकों, लंगर स्वयंसेवकों और चिकित्सा कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सभी ने यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुचारु और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित की।

एलजी ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक विभाग या संस्था की नहीं, बल्कि ‘टीम जम्मू-कश्मीर’ के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक कुल 57 दिनों तक संचालित हुई। इस दौरान 10 दिनों से अधिक समय तक खराब मौसम ने गंभीर चुनौतियां खड़ी कीं, लेकिन इसके बावजूद लगभग 4.80 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए।

आंकड़ों के अनुसार, 82 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने पहले 20 दिनों में ही दर्शन कर लिए, जबकि 95 प्रतिशत यात्रियों ने पहले महीने के भीतर यात्रा पूरी कर ली।

यात्रा के दौरान कुल 54,000 सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण किया गया। इनमें 31,000 घोड़ा संचालक, पिट्ठू और पालकी वाहक, 6,400 टेंट एवं दुकान संचालक तथा 7,700 लंगर स्वयंसेवक शामिल थे। करीब 1.87 लाख श्रद्धालुओं ने घोड़ा और पालकी सेवाओं का उपयोग किया।

यात्रा मार्ग पर 93 चिकित्सा सुविधाएं, 595 क्लीनिकल बेड और 26 ऑक्सीजन बूथ स्थापित किए गए थे। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 1,430 डॉक्टर और नर्सिंग कर्मी 24 घंटे तैनात रहे, जबकि 48 एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई गईं।

स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए 7,900 शौचालय स्थापित किए गए और उनकी देखरेख के लिए 7,900 सफाई कर्मियों को लगाया गया। यह व्यवस्था ‘जीरो-वेस्ट यात्रा’ पहल का हिस्सा थी।

यात्रा क्षेत्र में क्षमता बढ़ाकर 63,000 और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में 54,000 तक की गई। आधार आधारित पंजीकरण व्यवस्था के माध्यम से डुप्लिकेट रजिस्ट्रेशन की समस्या पर नियंत्रण पाया गया।

श्राइन बोर्ड के सीईओ और उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के. भंडारी की अगुवाई में प्रतिदिन सुबह 3 बजे और रात 8 बजे समन्वय बैठकें आयोजित की गईं, जिससे यात्रा की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित की जा सकी।

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा भारत की सनातन परंपरा, मानवता, सहअस्तित्व और सामूहिक सेवा की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु केवल धार्मिक अनुभव ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की संस्कृति और मेहमाननवाजी का संदेश भी अपने साथ लेकर लौटे हैं।

उन्होंने नागरिक समाज संगठनों, राजनीतिक दलों और धार्मिक नेताओं का भी आभार जताया तथा कहा कि यात्रा के दौरान प्रदर्शित अनुशासन, ऊर्जा और समन्वय को जम्मू-कश्मीर के विकास मॉडल का स्थायी हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

उपराज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक नागरिक ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यात्रा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है और केंद्र शासित प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को पूरे देश के सामने प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा, “बाबा बर्फानी की पवित्र यात्रा ने यह संदेश दिया है कि केवल इच्छाओं से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयासों से लक्ष्य हासिल होते हैं। जब संकल्प सामूहिक हो, नेतृत्व स्पष्ट हो और सेवा सर्वोपरि हो, तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।”

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