पद्म श्री एनएन मोहन गीता आदर्श विद्यालय, सोलन ने 8 से 15 जुलाई तक अपना वार्षिक साहित्यिक सप्ताह “इंग्लिश लिटेरा फिएस्टा: कार्निवल ऑफ इंग्लिश वीक” मनाया।
सप्ताह भर चलने वाले इस उत्सव का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को अपनी भाषाई क्षमता प्रदर्शित करने और उत्साहपूर्ण एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए एक जीवंत मंच प्रदान करना था। इस समारोह में कक्षा तीन से बारह तक के विद्यार्थियों के लिए अनेक बौद्धिक रूप से प्रेरक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। 100 से अधिक उत्साही प्रतिभागियों ने प्रतिभा, रचनात्मकता और वाक्पटुता का शानदार प्रदर्शन किया।
रोमांचक कहानियों से लेकर जोशीले तर्कों तक, स्कूल परिसर साहित्यिक उत्साह से गुलजार था क्योंकि छात्रों ने आत्मविश्वास के साथ विभिन्न प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में भाग लिया।
‘वाक्पटुता के चैंपियनों’ का जश्न मनाते हुए
कई बेहद प्रतिस्पर्धी श्रेणियों में छात्रों की असाधारण प्रतिभा स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसमें कई छात्रों ने शीर्ष सम्मान हासिल किए।
कविता पाठ में, रीयाना और प्रांजल ने अपनी लयबद्ध ताल और भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि कहानी सुनाने में, कक्षा वीए के प्रतिभाशाली युवा कहानीकारों ने अपने बेहद आकर्षक और रचनात्मक समूह वर्णन से सबका दिल जीत लिया।
स्पेल बी प्रतियोगिता में विभूति और पार्थ ने दबाव में भी त्रुटिहीन वर्तनी का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। काव्या और जतिन ने भी अपनी तत्परता और व्यापक शब्दावली का प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में अंशिका, निहारिका और भाव्या ने अपने सहज, स्पष्ट और सुव्यवस्थित भाषणों से शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
अर्शिता ने एक शक्तिशाली, मार्मिक और बेहद प्रभावशाली भाषण देकर भाषण प्रतियोगिता जीती, जबकि वाद-विवाद में सान्वी शर्मा और दिव्यांशी ठाकुर ने अपने तीक्ष्ण, तार्किक और सम्मोहक तर्कों से मंच पर अपना दबदबा कायम किया।
साहित्यिक सप्ताह का भव्य समापन एक प्रतिष्ठित अभिनंदन समारोह के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन के अध्यक्ष एल.के. बंसल, प्रधानाचार्य डॉ. स्नेह शर्मा और संयुक्त प्रधानाचार्य पमपोष गुप्ता ने छात्रों के अनुकरणीय समर्पण और अंग्रेजी विभाग के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए इस अवसर को सुशोभित किया। डॉ. स्नेह शर्मा ने कहा, “भाषा केवल संचार का माध्यम नहीं बल्कि वैश्विक अवसरों का द्वार है। हमारे छात्रों को इतने आत्मविश्वास और बुद्धिमत्ता के साथ बोलते देखना अत्यंत सुखद है।”
विद्यालय नेतृत्व ने सभी छात्रों को साहित्य की विशाल दुनिया का अन्वेषण जारी रखने के लिए हार्दिक रूप से प्रोत्साहित किया, और उनसे हर शैक्षणिक और रचनात्मक प्रयास में निरंतर सीखने और व्यक्तिगत विकास को अपनाने का आग्रह किया।


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