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विपक्षी सांसदों की जोरदार नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

Lok Sabha proceedings adjourned for the day amidst vociferous sloganeering by opposition MPs.

विपक्ष के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के बीच मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे फिर शुरू होगी। मंगलवार को तीसरी बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, क्योंकि विपक्ष की तरफ से हो रहा हंगामा कम नहीं हुआ।

अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने बार-बार सांसदों से अपनी सीट पर बैठने, सदन की मर्यादा बनाए रखने और नियम 377 के तहत कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया, हालांकि विपक्ष के सदस्यों ने इन अनुरोधों को नजरअंदाज किया और सदन के बीचों-बीच (वेल में) हंगामा जारी रखा।

आखिरकार, दिनभर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

इससे पहले, बार-बार हो रहे हंगामे के कारण सामान्य कार्यवाही नहीं चल पाने पर स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया था।

सदस्यों से सदन को चलने देने की अपील करते हुए बिरला ने कहा, “क्या आप नहीं चाहते कि सदन चले? सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।”

विपक्ष ने अपना विरोध और नारेबाजी जारी रखी, जिससे कार्यवाही में बाधा पड़ी और बाद में पहली बार सदन स्थगित करना पड़ा।

दोपहर में सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई, लेकिन इस दौरान भी विपक्ष के सदस्यों की लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण कार्यवाही में बाधा पड़ती रही।

सदन की अध्यक्षता कर रही संध्या राय ने विपक्ष के सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने की बार-बार अपील की, लेकिन जब उन्होंने बात नहीं मानी तो सदन को स्थगित करने की घोषणा कर दी।

अध्यक्ष की ओर से कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते रहे, जिसके कारण सदन को एक बार फिर स्थगित करना पड़ा।

सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन हुए हंगामे जैसा ही था, जब बार-बार स्थगन के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित हुई थी।

विपक्ष ने कई मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिनमें परीक्षा के पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में हुआ विरोध प्रदर्शन शामिल था। इन वजहों से संसदीय कामकाज में बार-बार बाधा पड़ी।

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