13 मई । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने के लिए की गई अपील के चलते मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने वाहनों के काफिले से फॉलो एवं पायलट सुविधा वापस कर दी है। इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या में कटौती की थी।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और पेट्रोलियम ईंधनों के किफायती एवं विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में की गई अपील के अनुक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने काफिले के लिए उपलब्ध कराई गई फॉलो एवं पायलट वाहन सुविधा, संबंधित स्टाफ सहित वापस कर दी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा संरक्षण एवं सुरक्षा के दृष्टिगत नागरिकों से ईंधन की बचत को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम ईंधनों की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के हित, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है। सरकार जनहित में संसाधनों के सर्वोत्तम एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए सतत प्रतिबद्ध है।
इससे पहले सीएम मोहन यादव ने अपने वाहन काफिले के वाहन कम करने का फैसला लिया था और कहा था कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के आह्वान पर मध्य प्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है। आगामी आदेश तक मेरे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से न्यूनतम वाहन होंगे और भ्रमण के दौरान कोई वाहन रैली नहीं होगी।
सभी मंत्रीगण भी यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। साथ ही, नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे। मुख्यमंत्री के कारकेड में 13 वाहनों के स्थान पर सिर्फ 8 वाहन रहेंगे।


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