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बकरीद से पहले महाराष्ट्र सरकार सख्त, गोतस्करी और अवैध बूचड़खानों पर चलेगा विशेष अभियान

Maharashtra government takes strict action ahead of Bakrid; special drive to be launched against cow smuggling and illegal slaughterhouses

बकरीद के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने गोवंश की अवैध तस्करी, अवैध बूचड़खानों और पशुओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि गोमाता की तस्करी और अवैध कटाई किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर परिवहन विभाग ने पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान चलाने के आदेश जारी किए हैं। सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों, उप-क्षेत्रीय अधिकारियों, सीमा जांच चौकियों और परिवहन विभाग की टीमों को 25 मई से 28 मई तक युद्धस्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रताप सरनाईक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रयासों से राज्य में देशी गाय को ‘राज्यमाता’ का सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लिए गोमाता आस्था और संस्कृति का प्रतीक है और ऐसी गोवंश की अवैध तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष त्योहारों के दौरान गोवंश की तस्करी बढ़ जाती है। पशुओं को ठूंस-ठूंसकर वाहनों में भरना, उन्हें भूखा रखना और अमानवीय तरीके से परिवहन करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाता है।

परिवहन आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, राज्य के सीमावर्ती इलाकों, मुंबई सहित प्रमुख शहरों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष नाकाबंदी और वाहन जांच अभियान चलाया जाएगा। पशुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों के परमिट, प्रमाणपत्र और पशु कल्याण नियमों की गहन जांच की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। नियमों के खिलाफ पशु परिवहन करने वाले वाहनों को तुरंत जब्त किया जाएगा।

इस अभियान में परिवहन विभाग के साथ स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, पशुपालन विभाग और विभिन्न गोसेवा एवं पशु कल्याण संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। अवैध बूचड़खानों तक पशुओं की सप्लाई रोकने के लिए विशेष टीमें भी गठित की गई हैं।

प्रताप सरनाईक ने कहा कि गोमाता संरक्षण केवल कानूनी विषय नहीं बल्कि हिंदुत्व और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि बेजुबान पशुओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ सरकार किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी और गोसंरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सरकार ने इस विशेष अभियान के तहत की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों से मांगी है।

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