July 10, 2026
Entertainment

‘मैं वापस आऊंगा’ के डेब्यू एक्टर हर्षुल कौल ने वेदांग रैना को सराहा, कहा- ‘उनके साथ काम करना सपने जैसा था’

‘Main Wapas Aaunga’ debutant actor Harshul Kaul praises Vedang Raina, says, “Working with him was like a dream.”

10 जुलाई । फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ से अभिनय की शुरुआत करने वाले अभिनेता हर्षुल कौल ने वेदांग रैना की जमकर तारीफ की है। उन्होंने वेदांग की मेहनत, सफलता और उनके साथ बिताए अनुभवों को याद करते हुए बताया कि उनके लिए यह सफर किसी सपने के सच होने जैसा था।

फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में हर्षुल कौल, वेदांग रैना के किरदार कीनू के सबसे अच्छे दोस्त आफताब की भूमिका में नजर आए थे।

आईएएनएस से बातचीत में हर्षुल ने कहा, “फिल्म रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया और मैसेज के जरिए कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया। बहुत से लोगों ने कहा कि आफताब की मासूमियत और उसका भावनात्मक सफर फिल्म खत्म होने के बाद भी उनके दिलों में बना रहा। कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि उन्हें लगा जैसे वे इन किरदारों को व्यक्तिगत रूप से जानते हों। ऐसे मैसेज मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं, क्योंकि सिनेमा का मकसद ही लोगों को कुछ महसूस कराना होता है।”

हर्षुल ने बताया, “वेदांग के साथ काम करना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। मैं कश्मीरी परिवार से हूं और मैंने हमेशा देखा कि हमारे आसपास लोग उनकी सफलता का जश्न मनाते थे। ‘द आर्चीज’ और फिर ‘जिगरा’ के बाद हर जगह उनके बारे में बातें होती थीं। इतनी कम उम्र में कश्मीरी पंडित समुदाय का कोई कलाकार इतनी बड़ी सफलता हासिल कर रहा था, यह देखकर मुझे बेहद गर्व होता था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि सिर्फ डेढ़ साल बाद मैं उनके साथ स्क्रीन शेयर करूंगा और अपनी पहली ही फिल्म में उनके सबसे अच्छे दोस्त का किरदार निभाऊंगा। आज भी इस बारे में सोचता हूं तो यकीन नहीं होता।”

उन्होंने कहा, “फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में मेरे ज्यादातर सीन्स वेदांग के साथ थे। उन्हें काम करते हुए देखकर मैंने बहुत कुछ सीखा। उनकी मेहनत, अनुशासन और हर सीन में अपना सौ फीसदी देने का जज्बा सचमुच प्रेरित करता है। मुझे याद है कि ‘इश्क मस्ताना’ गाने की शूटिंग के दौरान उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरी ऊर्जा के साथ डांस किया, परफॉर्म किया और कभी भी अपनी परेशानी को काम पर हावी नहीं होने दिया।”

हर्षुल ने कहा, “एक नए कलाकार के तौर पर इतनी नजदीक से उनकी प्रतिबद्धता को देखना बहुत बड़ा सीखने का अनुभव था। उन्होंने पहले ही दिन से मुझे सहज महसूस कराया और हमेशा सम्मान के साथ पेश आए। शूटिंग के दौरान सेट के बाहर भी हमने कई खूबसूरत पल साथ बिताए। हम कश्मीरी भाषा में बातें करते थे, टेक के बीच खूब हंसते थे और साथ समय बिताते थे। इन छोटे-छोटे पलों ने आफताब और कीनू की इस यात्रा को और भी खास बना दिया।”

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