March 17, 2026
Entertainment

यूएई में हिरासत में मेजर विक्रांत ने बहन सेलिना जेटली से संपर्क से किया इनकार, दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका का किया निपटारा

Major Vikrant, detained in UAE, denies contact with sister Celina Jaitly; Delhi High Court disposes of plea

17 मार्च । बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली द्वारा दायर उस याचिका का अब निपटारा हो गया है, जिसमें उन्होंने यूएई में हिरासत में रखे गए अपने भाई मेजर विक्रांत जेटली से मिलने और उनसे संपर्क स्थापित कराने की मांग की थी। दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि विक्रांत जेटली ने अपनी बहन से संपर्क करने से इनकार कर दिया है।

इस जानकारी के सामने आने के बाद अदालत ने मामले को निपटा दिया, हालांकि केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया गया है कि वह विक्रांत जेटली के साथ संपर्क बनाए रखे और कानून के तहत हर संभव सहायता उपलब्ध कराए।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि विक्रांत जेटली ने कहा है कि उनके कानूनी मामलों से जुड़े सभी फैसले उनकी पत्नी चारुल जेटली से परामर्श के बाद ही लिए जाने चाहिए। अदालत को जानकारी दी गई कि यूएई में भारतीय अधिकारियों की ओर से विक्रांत जेटली को कांसुलर एक्सेस की सुविधा प्रदान कर दी गई है। यानी भारतीय दूतावास के अधिकारी उनसे मिल सकते हैं और उनकी स्थिति की जानकारी ले सकते हैं।

अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए कहा कि फिलहाल विक्रांत जेटली ने किसी भी तरह की कानूनी सहायता लेने से भी इनकार किया है। इसलिए इस चरण पर अदालत के सामने लंबित याचिका को जारी रखने की आवश्यकता नहीं रह जाती। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मामले में संपर्क बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर विक्रांत जेटली को सभी कानूनी और राजनयिक सहायता उपलब्ध कराएं।

दरअसल, यह मामला तब सामने आया था जब अभिनेत्री सेलिना जेटली ने अपने भाई के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में दायर याचिका में दावा किया गया था कि उनके भाई मेजर विक्रांत जेटली को दुबई के एक मॉल से कथित तौर पर उठाकर ले जाया गया था। इसके बाद लंबे समय तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उन्हें किस आरोप में हिरासत में रखा गया है। शुरुआत में उनके परिवार को उनके भाई के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल रही थी, जिससे परिवार बेहद चिंतित था। बाद में यह जानकारी सामने आई कि उन्हें अबू धाबी के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

सेलिना जेटली ने इस मामले में भारत सरकार से भी मदद मांगी थी और विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया था। जब उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तब उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने पहली सुनवाई के दौरान विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया था कि वह इस मामले में आवश्यक कदम उठाए और विक्रांत जेटली की स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध कराए।

अब सुनवाई में अदालत के सामने यह स्पष्ट किया गया कि विक्रांत जेटली ने अपनी बहन से संपर्क नहीं करने का निर्णय लिया है और अपने कानूनी मामलों में भी फिलहाल किसी बाहरी सहायता की जरूरत नहीं बताई है। इसी आधार पर अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया।

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