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मालवीय नगर आग हादसा : होटल मालिक को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया

Malviya Nagar fire accident: Hotel owner sent to four-day police custody

4 जून । दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बहुमंजिला ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ में भीषण आग लगने की घटना के एक दिन बाद गुरुवार को प्रॉपर्टी के मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस भीषण आग हादसे में 21 लोगों की जान चली गई थी।

दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाने के बाद लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया। पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी भर में कई जगहों पर छापेमारी की थी। गुरुवार को लवकेश बजाज को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया।

इस बीच, आरोपी के वकील ने कहा कि उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है, जिस पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि वे कॉपी उपलब्ध करा देंगे।

पुलिस ने बजाज की चार दिन की हिरासत मांगते हुए होटल स्टाफ के बारे में जानकारी मांगी है, और कहा है कि अब तक केवल दो स्टाफ सदस्यों का विवरण ही उपलब्ध कराया गया है। जांचकर्ताओं ने होटल के दस्तावेजों और रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी भी मांगी है।

लवकेश बजाज के वकील ने तर्क दिया कि दिल्ली पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि बजाज को गिरफ्तार क्यों किया गया है। बचाव पक्ष के अनुसार, बजाज को केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वह होटल के मालिक हैं।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि आग इतनी भीषण थी कि फोरेंसिक जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।

पुलिस ने अदालत को बताया कि होटल स्टाफ से पूछताछ करना आवश्यक है, क्योंकि होटल लवकेश बजाज की देखरेख में ही संचालित हो रहा था। पुलिस ने बजाज की रिमांड मांगते हुए अदालत को बताया कि जांच अभी भी शुरुआती चरण में है।

अधिकारियों ने कहा, “फोरेंसिक विशेषज्ञ अभी तक विस्तृत जांच शुरू नहीं कर पाए हैं, और स्टाफ उनके निर्देशों के तहत ही काम कर रहा था। इसी कारण जांच के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ करना आवश्यक है।”

पुलिस ने कहा कि होटल के पास केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, लेकिन वहां 28 कमरे संचालित किए जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि लवकेश बजाज की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई थी।

बचाव पक्ष के वकील ने पुलिस रिमांड के अनुरोध का विरोध किया।

इससे पहले, अधिकारियों ने बताया था कि इमारत से 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था, जिनमें से 26 लोगों का फिलहाल इलाज चल रहा है।

वहीं, दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स) में कई घायलों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें वे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो जलती हुई इमारत में सबसे पहले प्रवेश करने वाले बचाव दल का हिस्सा थे।

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