15 जुलाई । बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कुछ मुस्लिम समुदायों का आरक्षण वापस लेने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि ममता बनर्जी वोट बैंक की राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत कई मुस्लिम समुदायों को आरक्षण दिया था। ममता बनर्जी ने रोहिंग्या, बांग्लादेशी और घुसपैठियों को संरक्षण दिया था। जिससे उनको चुनाव के समय फायदा मिल सके।
वहीं, बिहार में 211 नए डिग्री कॉलेजों में कक्षाएं शुरू होने को लेकर संजय सरावगी ने राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य के उन सभी प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं, जहां पहले उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज उपलब्ध नहीं थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस पहल का उद्घाटन कर रहे हैं और इससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की परेशानी कम होगी।
पंजाब कांग्रेस में चल रही कथित अंदरूनी कलह को लेकर भी सरावगी ने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के अंदर नेतृत्व की कमी दिखाई दे रही है। पंजाब में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है और आम आदमी पार्टी की सरकार भी चुनौतियों का सामना कर रही है। कांग्रेस की राजनीति स्वार्थ से प्रेरित है।
शिवसेना और उद्धव ठाकरे की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा शिवसेना वह पार्टी नहीं रही जिसकी कल्पना बालासाहेब ठाकरे ने की थी।
उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे हिंदुत्व की विचारधारा के समर्थक थे और कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के संबंध के विरोधी थे। उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर अपनी मूल पहचान खो दी है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर बोलते हुए सरावगी ने कहा कि भारत कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते जैसे कदमों से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और आम लोगों को भी इसका लाभ मिल सकता है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की नीतियों की उपलब्धि बताया।

