May 2, 2026
National

मंगलुरु कुकर ब्लास्ट केस: एनआईए ने दी 10 साल की सजा को चुनौती, दोषी को उम्रकैद देने की मांग

Mangaluru cooker blast case: NIA challenges 10-year sentence, seeks life imprisonment for the accused

2 मई । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मंगलुरु कुकर धमाका मामले में मोहम्मद शारिक को दी गई 10 साल की सजा को चुनौती देते हुए अदालत में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है। एजेंसी इस मामले में आजीवन कारावास की मांग करेगी।

एनआईए अधिकारियों के अनुसार, शारिक पहले ही जेल में लगभग चार साल बिता चुका है और उसकी सजा के करीब छह साल अभी बाकी हैं।

जांच से पता चला है कि दोषी शारिक आतंकवादी संगठनों के संपर्क में था और वह समाज के लिए संभावित खतरा बन सकता है।

एनआईए अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए जाने से पहले शारिक को स्थानीय पुलिस ने पकड़ा था। रिहा होने के तुरंत बाद उसने शिवमोग्गा में तुंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बम धमाकों का ‘ट्रायल’ किया और बाद में मंगलुरु धमाके की योजना बनाई।

एनआईए अधिकारियों ने आगे कहा कि अपील इस आधार पर दायर की जाएगी कि रिहाई के समय शारिक की उम्र लगभग 33 वर्ष होगी। इस उम्र में यदि वह मुख्यधारा के समाज में लौटता है, तो इस बात की संभावना है कि वह फिर से गलत गतिविधियों से जुड़ सकता है और राष्ट्रविरोधी ताकतें उसका गलत इस्तेमाल कर सकती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि तैयारियां चल रही हैं और इस संबंध में तर्क तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही अदालत में अपील दायर की जाएगी।

इस बीच, यह बात सामने आई है कि 2020 में दो जगहों पर देश-विरोधी भित्तिचित्र बनाने के आरोप में शारिक और एक अन्य संदिग्ध माज़ मुनीर को गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय पुलिस ने कथित तौर पर लापरवाही बरती। आरोप है कि पुलिस ने गवाहों का सही तरीके से उपयोग नहीं किया और जल्दबाजी में चार्जशीट दाखिल कर दी।

नतीजतन, आरोपी ने अदालत से जमानत हासिल कर ली और कथित तौर पर देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया। सूत्रों ने बताया कि अगर पुलिस ने ज्यादा गहन जांच की होती या यह मामला एनआईए या सीबीआई को सौंप दिया गया होता, तो इस आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया जा सकता था और मंगलुरु कुकर धमाके को रोका जा सकता था।

27 अप्रैल को एक विशेष एनआईए अदालत ने मंगलुरु कुकर धमाका मामले में शारिक को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। सुनवाई के दौरान शारिक ने अदालत के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। वह अब तक जितनी अवधि जेल में बिता चुका है, उसे उसकी कुल सजा में से घटाया जाएगा।

शारिक ने अपनी सजा कम करने की गुहार लगाते हुए कहा कि उसकी एक बेटी है और वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। वहीं, दूसरे आरोपी सैयद यासीन ने खुद को निर्दोष बताया और उनके खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा।

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