मणिपुर में सुरक्षा बलों ने राज्य में सक्रिय उग्रवादी संगठनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखते हुए दो अलग-अलग ऑपरेशन में दो प्रमुख उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां रविवार को की गईं, जिनमें रिवॉल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (आरपीएफ) और प्रोग्रेसिव लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक सक्रिय सदस्य और कांग्लेईपक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) के एक कैडर को पकड़ा गया। दोनों मामलों में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए गए हैं।
पहले ऑपरेशन में सिंगजामेई पुलिस स्टेशन (पीएस) क्षेत्र, इंफाल पश्चिम जिले में सुरक्षा बलों ने जबरन वसूली करने वाले आरपीएफ/पीएलए के सक्रिय सदस्य लैशराम कुल्लाबी मेइतेई (35) उर्फ रोनेल को उसके घर से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिन्हें आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
लैशराम कुल्लाबी मेइतेई पर उग्रवादी संगठनों के लिए जबरन वसूली, धमकी देने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। सुरक्षा बलों का मानना है कि वह संगठन के लिए आर्थिक संसाधन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। उसकी गिरफ्तारी से इन संगठनों की फंडिंग चेन पर गहरा असर पड़ने की संभावना है।
दूसरे ऑपरेशन में इंफाल ईस्ट जिले के इरिबंग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत कोंगबा खुनौ इलाके में सिक्योरिटी फोर्सेज ने केसीपी (ताइबंगानबा) के एक सक्रिय कैडर टेन्सुबम बैंगकिम सिंह (25) उर्फ चक-थेकपा उर्फ मंगंग पुंशीबा को गिरफ्तार किया। यह युवक बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल लेइटोनजम माखा लेइकाई का निवासी है।
गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक 9 एमएम पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। हथियारों की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि वह संगठन की सशस्त्र गतिविधियों में सक्रिय था। सुरक्षा बलों ने कहा कि ये हथियार संभवतः उग्रवादी हमलों या जबरन वसूली के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।
बता दें कि ये दोनों गिरफ्तारियां मणिपुर में जारी उग्रवाद विरोधी अभियान का हिस्सा हैं। राज्य में विभिन्न उग्रवादी समूहों द्वारा जबरन वसूली, हत्या और हिंसक गतिविधियां अभी भी चुनौती बनी हुई हैं। सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे ऑपरेशन किए हैं, जिनमें हथियार, गोला-बारूद और उग्रवादी सदस्य गिरफ्तार हुए हैं।

