January 14, 2026
National

कई धरोहर सरकारी जमीन पर है, तो क्या बुलडोजर चला देंगे: एसटी हसन

Many heritage sites are on government land, so will they be bulldozed?: ST Hasan

उत्तर प्रदेश के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद पर डीएम द्वारा इसे सरकारी जमीन बताए जाने पर जैन बंधु की ओर से दिए बयान पर सपा के वरिष्ठ नेता एसटी हसन ने पलटवार किया। कहा कि सैकड़ों साल पुरानी मस्जिद, मंदिर और ऐतिहासिक धरोहर भी हैं, तो क्या सभी पर बुलडोजर चला देंगे।

मुरादाबाद में आईएएनएस से बातचीत में सपा नेता ने कहा कि मस्जिद सरकारी जमीन पर है या फिर वक्फ की है, इस पर चर्चा करने की बजाय देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी पर चर्चा होनी चाहिए। कब तक देश में हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति होती रहेगी। जैन बंधु की जुबान पर लगाम लगनी चाहिए। यह देशहित में है या अहित में है। सैकड़ों साल पुरानी मस्जिद जरूरी नहीं है कि वक्फ की ही हो। मंदिर भी सैकड़ों साल पुराने हैं, जब वे सरकारी भूमि पर आ जाते हैं तो क्या बुलडोजर चला दिया जाएगा।

यह मस्जिद सरकारी भूमि पर बनी है, 500 साल पुराने दस्तावेज तो ला नहीं सकते। दिल्ली की शाही जामा मस्जिद पर भी बुलडोजर चला देंगे क्या, उनके पास भी दस्तावेज नहीं होंगे। सैकड़ों साल पुराने मंदिरों के पास भी कागज नहीं होंगे तो क्या बुलडोजर चलाए जाएंगे, कई ऐतिहासिक धरोहरें सरकारी जमीन पर हैं, क्या वह भी बुलडोजर की कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि लोगों में नफरत की राजनीति नहीं फैलानी चाहिए, यह बंद होनी चाहिए। राजनीति करनी है तो रोजगार पर बात होनी चाहिए। मिडिल क्लास और बिजनेसमैन किस हद तक परेशान हो गए हैं। देश में हिंदू-मुसलमान की राजनीति क्यों हो रही है। क्या देश को कमजोर करना चाहते हैं।

ओवैसी के बयान पर उन्होंने कहा कि क्या ओवैसी इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदू-मुसलमान करके राजनीति कर रहे हैं, वही जिम्मेदार हैं। वे नफरत फैला रहे हैं। मेरा मानना है कि सरकार को अब इस साजिश को समझना चाहिए। यह देश के लिए एक गंभीर खतरा है। दुनिया पहले से ही ग्लोबल संघर्षों के खतरों का सामना कर रही है, और हमारे दुश्मन हमारे चारों ओर हैं। हमारे अपने देश में जो लोग फूट डालते हैं और नफरत फैलाते हैं, वही लोग भारत को अंदर से कमजोर कर सकते हैं। सरकार को इस खतरे को पहचानने की जरूरत है।

ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर ट्रंप के 25 प्रतिशत टैरिफ पर सपा नेता ने कहा कि हमें ट्रंप को राष्ट्रपति कहने पर शर्म आ रही है। उसे डकैत कहें तो कोई दिक्कत नहीं होगी। वेनेजुएला को लेकर हमने उनका रवैया देखा है। हमारे पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। अगर हम संपन्न हो जाते हैं तो डकैतों से खतरा है। ट्रंप धमकी इसलिए दे रहे हैं कि सारे देश अमेरिका के दबाव में काम करें।

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