October 14, 2026
National

मुंबई के नालासोपारा में बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 2 महिलाओं की मौत

महाराष्ट्र के नालासोपारा-वसई लिंक रोड स्थित अचोले क्षेत्र की बहुमंजिला इंपीरियल हाइट्स इमारत में भीषण आग लगने से दो महिलाओं की मौत हो गई। मंगलवार आधी रात के करीब लगी आग से इमारत में अफरातफरी मच गई और कई लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। सूचना मिलते ही वसई-विरार शहर महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं।

वसई-विरार शहर महानगरपालिका के आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी.ने बताया कि आग लगने की सूचना मंगलवार रात 11:30 बजे मिली थी। इसके बाद अग्निशमन विभाग, पुलिस विभाग और प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। टीटीएल मशीन और अग्निशमन कर्मियों की मदद से 15 से 20 लोगों को तत्काल बचाया गया जबकि कई लोग स्वयं भी सुरक्षित नीचे आ गए।

आयुक्त ने बताया कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी ठहरने की सुविधा देने के लिए आसपास के बैंक्वेट हॉल और होटल उपलब्ध कराए गए हैं। आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। इसमें इमारत की बिल्डिंग परमिशन, फायर परमिशन, अग्निशमन प्रणालियों की स्थिति और इलेक्ट्रिकल पैनल में संभावित शॉर्ट सर्किट सहित सभी पहलुओं की जांच होगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या कमी सामने आती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लोगों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता थी। सीढ़ियों में अत्यधिक गर्मी के कारण अग्निशमन कर्मियों ने स्थिति का आकलन करते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित रखने और उन्हें योजनाबद्ध तरीके से बाहर निकालने का प्रयास किया।

वसई-विरार शहर महानगरपालिका के चीफ फायर अधिकारी रोहन मोरे ने बताया कि रात 12 बजे स्थानीय नगरसेवक अशोक शेल्के ने उन्हें फोन कर घटना की जानकारी दी। हालांकि, तब तक अचोले क्षेत्र की दो दमकल गाड़ियां घटनास्थल की ओर रवाना हो चुकी थीं। शुरुआत में चौथी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली थी लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद आग की गंभीरता का पता चला।

रोहन मोरे के मुताबिक, इमारत की ऊपरी मंजिलों पर कई लोग फंसे हुए थे। ऐसे में उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना अग्निशमन विभाग की पहली प्राथमिकता थी। विशेष टीटीएल (टर्नटेबल लैडर) मशीन की मदद से आठ लोगों को बाहर से रेस्क्यू किया गया। अन्य स्थानों से लोगों को निकालने सहित कुल 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर लाने की जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि 13वीं और 14वीं मंजिल पर आग की गंभीरता अधिक थी। इसके अलावा तीसरी और नौवीं मंजिल पर भी आग या अंगारों के कुछ हिस्से मिले, जबकि 12वीं मंजिल के रिफ्यूज फ्लोर का दरवाजा भी आग की चपेट में आ गया था। अग्निशमन कर्मियों ने अलग-अलग मंजिलों पर आग बुझाने के साथ फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया।

आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई गाड़ियों, पानी के टैंकरों, वॉटर ब्राउजर और विशेष वॉटर टावर की मदद ली गई। पानी के निजी टैंकर भी बुलाए गए। चीफ फायर अधिकारी ने कहा कि आग लगने का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इस दर्दनाक अग्निकांड में फाल्गुनी शाह (50 वर्ष) और अश्विनी पारकर (50 वर्ष) की मौत की पुष्टि हुई है। वसई-विरार शहर महानगरपालिका के तुलिंज अस्पताल की इंचार्ज डॉ. कविता जगदा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि दोनों महिलाओं के शरीर पर जलने की चोटें अधिक नहीं थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग से निकला धुआं फेफड़ों में जाने के कारण उनकी मौत होने की आशंका है। दोनों शवों का पंचनामा करने के बाद उन्हें वसई पश्चिम स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का अंतिम कारण स्पष्ट होगा।

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