2 मार्च । अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को गुमराह किया जा रहा है। पहले जब इराक पर हमला हुआ था, तो यही झूठा बहाना बनाया गया था कि वहां सामूहिक विनाश के हथियार मौजूद हैं। इराक तबाह हो गया, लेकिन कुछ भी नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि यह सब झूठ और महज एक बहाना था। ईरान के बारे में भी यही आरोप लगाया जा रहा है कि वह परमाणु बम बना रहा है। दुनिया को उसी तरह चेतावनी दी जा रही है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। तब भी पूरी निश्चितता थी, फिर भी कुछ नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्लानिंग है कि पूरी दुनिया को अपना गुलाम बना लिया जाए। अमेरिका इसी एजेंडे पर काम कर रहा है। सिर्फ एक अकेला ईरान और खामेनेई अमेरिका की खिलाफत कर रहे थे। अमेरिका को मंजूर नहीं हुआ कि एक आदमी भी उसकी खिलाफत करे। उन्होंने कहा कि आज पूरा अरब गुलाम है। ट्रंप जो कह रहे हैं, वही किया जा रहा है।
इजरायल को लेकर मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि इजरायल आतंकवादी देश है। उससे कोई संबंध नहीं रखना चाहिए।
वहीं, अमेरिका-इजरायल हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव उमरैन महफूज रहमानी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने जिस तरह आक्रामकता दिखाई है और जिस तरह इजरायल लगातार गाजा और फिलिस्तीन पर हमले कर रहा है, उसका आत्मविश्वास बढ़ता जा रहा है, यह विश्व शांति के लिए एक गंभीर प्रश्नचिह्न है।
बता दें कि अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद ईरानी सरकार ने 40 दिन के शोक का ऐलान किया। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि खामेनेई के चार रिश्तेदार, जिनमें उनकी बेटी, पोता और दामाद शामिल हैं, वे भी अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए।


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