कांगड़ा जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने मंगलवार को धर्मशाला के रक्कर में बच्चों में कुपोषण को रोकने और उनके उचित शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए ‘मिशन भरपूर 2.0’ का शुभारंभ किया। यह पहल वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-हिमालयन जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान (सीएसआईआर-आईएचबीटी) के वैज्ञानिकों के तकनीकी सहयोग से कार्यान्वित की जा रही है।
लॉन्च के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि स्वस्थ बच्चे एक स्वस्थ परिवार, समाज और एक मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं। डीसी ने कहा कि मिशन भरपूर एक अभिनव पहल है जिसके तहत बच्चों को वैज्ञानिक रूप से विकसित, पौष्टिक और स्वादिष्ट पूरक उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये उत्पाद नियमित भोजन का विकल्प नहीं हैं, बल्कि बच्चे के आहार को पूरक करने के लिए हैं।
बैरवा ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के साथ अधिक समय बिताएं और मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को हतोत्साहित करें। सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक सुदेश यादव ने कहा कि संस्थान ने वैज्ञानिक मानकों के अनुसार बच्चों के लिए विशेष पोषण उत्पाद विकसित किए हैं जिनमें आयरन, जिंक, कैल्शियम और प्रोटीन सहित आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं।
महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक शर्मा ने कहा कि पहले चरण के अनुभव और परिणामों के आधार पर, मिशन भरपूर 2.0 के तहत दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त पोषण उत्पादों को पेश करने के प्रयास किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान, डीसी ने बच्चों के बीच वैज्ञानिक रूप से विकसित पोषण उत्पादों का वितरण किया और माता-पिता को उनके उचित उपयोग के बारे में जागरूक किया।

