April 10, 2026
Himachal

पालमपुर में मिशन भरपुर 2.0 का शुभारंभ

Mission Bharpur 2.0 launched in Palampur

पोषण पखवाड़ा के प्रारंभ के उपलक्ष्य में, बुधवार को पालमपुर स्थित सीएसआईआर-हिमालयन जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान में मिशन भरपूर 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कांगड़ा जिला प्रशासन और सीएसआईआर-आईएचबीटी के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में बाल कुपोषण उन्मूलन के प्रयासों को और मजबूत करना है।

सभा को संबोधित करते हुए कांगड़ा के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) विनय कुमार ने मिशन भरपूर के पहले चरण की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पोषक तत्वों से भरपूर पूरक खाद्य पदार्थों ने बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशासन और वैज्ञानिकों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में कार्यक्रम का विस्तार और प्रभाव बढ़ेगा।

पहले चरण के प्रमुख परिणामों को साझा करते हुए, अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के तहत लगभग 920 बच्चों को पूरक पोषण प्रदान किया गया। आंकड़ों से पता चला कि लगभग 68 प्रतिशत लाभार्थियों के स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विशेष रूप से, गंभीर रूप से कुपोषित 75 प्रतिशत और मध्यम रूप से कुपोषित 62 प्रतिशत बच्चों के बीएमआई और शरीर के वजन में सुधार दर्ज किया गया।

सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने संस्थान की भूमिका और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मिशन के अंतर्गत सभी पोषण उत्पाद प्राकृतिक हैं और रासायनिक परिरक्षकों से मुक्त हैं। डीएनटी डिवीजन के प्रमुख डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि बच्चों के लिए अनुशंसित आहार भत्ता (आरडीए) की पूर्ति हेतु आयरन युक्त स्पिरुलिना पीनट बार, फ्रूट बार और मल्टीग्रेन प्रोटीन मिक्स जैसे उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कात्याल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जबकि बाल मुकुंद शर्मा मुख्य अतिथि थे। दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया और सीएसआईआर-आईएचबीटी तथा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की सराहना की।

जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक शर्मा ने कार्यशाला का परिचय दिया, जबकि खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के जिला नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विद्या शंकर ने किया।

अधिकारियों ने बताया कि मिशन भरपूर ने कांगड़ा में बाल विकास के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें कुपोषण उन्मूलन, सूक्ष्म पोषक तत्वों की आपूर्ति, नियमित स्वास्थ्य निगरानी, ​​व्यवहार परिवर्तन और जन जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

इस कार्यशाला में सीएसआईआर-आईएचबीटी, महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

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