August 7, 2026
Entertainment

मुंबई: शुरू हुआ ब्रिक्स वेव्स बाजार 2026, रचनात्मक क्षेत्र में सहयोग और निवेश बढ़ाने पर जोर

Mumbai: BRICS Waves Bazaar 2026 kicks off; focus on boosting cooperation and investment in the creative sector.

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत मुंबई में गुरुवार से ब्रिक्स वेव्स बाजार 2026 का शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य फिल्म, टेलीविजन, एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, संगीत और डिजिटल मीडिया समेत रचनात्मक उद्योगों में वैश्विक सहयोग, निवेश और कारोबारी अवसरों को बढ़ावा देना है।

उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने कहा, ” ब्रिक्स वेव्स बाजार 2026 वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला मंच बन सकता है। भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी नवाचार के दम पर वैश्विक क्रिएटिव इकोनॉमी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”

वहीं, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा, ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संस्कृति और रचनात्मकता को देशों के बीच संवाद और सहयोग का प्रभावी माध्यम मानते हैं। मुंबई में आयोजित यह बाजार और नवंबर 2026 में होने वाला ब्रिक्स फिल्म फेस्टिवल रचनात्मक उद्योगों के लिए सह-निर्माण, निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के नए अवसर उपलब्ध कराएंगे।”

उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 21 ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसका उद्देश्य ऐसा स्थायी मंच विकसित करना है, जहां रचनात्मक परियोजनाओं, प्रतिभाओं और निवेशकों को एक साथ लाकर वैश्विक सहयोग को मजबूत किया जा सके।

चंचल कुमार ने कहा कि भारत वेव्स, इंडिया सिने हब, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी और कौशल विकास से जुड़ी पहलों के माध्यम से वैश्विक रचनात्मक उद्योगों के साथ साझेदारी को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने सभी ब्रिक्स देशों को 2027 में मुंबई में होने वाले अगले ‘वेव्स’ आयोजन में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया।

अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के फेस्टिवल डायरेक्टर और फिल्म निर्माता आशुतोष गोवारिकर ने प्रतिनिधियों को आईएफएफआई 2026 में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए कहा कि सिनेमा संस्कृतियों को जोड़ने और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है।

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव बोडवाडे ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के अनुरूप यह आयोजन रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। उन्होंने बताया कि वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था विश्व की जीडीपी में लगभग 3.1 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय सेवा निर्यात में 1.4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का योगदान देती है।

राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदुम ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान उच्चस्तरीय सम्मेलन, पैनल चर्चा, बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें और नेटवर्किंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण, कंटेंट फाइनेंसिंग, डिजिटल परिवर्तन, बौद्धिक संपदा अधिकार, महिला उद्यमिता और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।

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