March 31, 2026
National

फर्जी बम धमकियों के मास्टरमाइंड से अब मुंबई पुलिस करेगी पूछताछ

Mumbai Police to question mastermind behind fake bomb threats

31 मार्च । मुंबई समेत देशभर में 1100 से अधिक फर्जी धमकी भरे संदेश भेजकर दहशत फैलाने वाले 47 वर्षीय आरोपी श्रीनिवास लुईस की गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच अलर्ट मोड में आ गई है। अब जल्द ही मुंबई पुलिस श्रीनिवास लुईस की कस्टडी लेगी और पूछताछ करेगी।

दरअसल, देशभर में दहशत फैलाने की कोशिश करने वाले शख्‍स श्रीनिवास लुईस को दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया। अब मुंबई पुलिस श्रीनिवास लुईस की कस्टडी लेकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियों को शक है कि पिछले तीन वर्षों में मुंबई और आसपास के इलाकों में आए 100 से अधिक धमकी भरे ईमेल के पीछे भी यही आरोपी हो सकता है। इस सिलसिले में क्राइम ब्रांच जल्द ही उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।

मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है और आरोपी के पुराने ईमेल पैटर्न, भाषा और तकनीकी संकेतों का मिलान किया जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अगर ठोस लिंक सामने आता है तो आरोपी को पूछताछ के लिए मुंबई लाया जाएगा।

मुंबई में 2023 से एक सीरियल ईमेल थ्रेट भेजने वाला सक्रिय था, जो आरडीएक्स आधारित आईईडी लगाए जाने के दावे करता था। इन ईमेल्स के चलते कई बार सरकारी दफ्तरों और वित्तीय संस्थानों को खाली कराया गया लेकिन बाद में सभी धमकियां फर्जी निकलीं। 18 मार्च को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को भेजे गए एक ईमेल में 19 सायनाइड गैस बम लगाए जाने का दावा किया गया था, जिसमें दोपहर 1:30 बजे विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इसी तरह मई 2025 में पालघर कलेक्टर कार्यालय को भी आरडीएक्स हमले की धमकी मिली थी। इन मेल में साजिशी कहानियों के साथ दक्षिण भारतीय नेताओं, अभिनेताओं और यूट्यूबर्स के नामों का इस्तेमाल कर एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग डिजिटल पहचान और स्पूफ्ड ईमेल आईडी का इस्तेमाल करता था, जिससे उसकी पहचान छिपी रहे। साइबर टीम ईमेल हेडर, आईपी लॉग और रूटिंग पैटर्न का विश्लेषण कर रही है ताकि यह साबित किया जा सके कि मुंबई में भेजे गए धमकी भरे मेल और दिल्ली में पकड़े गए आरोपी के बीच सीधा संबंध है या नहीं।

पुलिस का मानना है कि आरोपी ने जानबूझकर हाई-प्रोफाइल संस्थानों को निशाना बनाया ताकि अधिकतम दहशत फैलाई जा सके। शुरुआती जांच में उसके मानसिक तनाव में होने की भी आशंका जताई गई है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है।

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