July 21, 2026
National

वंदे मातरम विधेयक के विरोध पर बोले एन. रामचंद्र राव, कहा-राष्ट्रगीत का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण

N. Ramchandra Rao speaks on opposition to the Vande Mataram Bill; calls opposing the national song unfortunate.

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र के दौरान राज्यसभा में संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से संबंधित संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। इस बीच तहरीक मुस्लिम शब्बान इस विधेयक का विरोध करने की पूरी तैयारी में है, जिसे लेकर तेलंगाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने चिंता व्यक्त की है।

एन. रामचंद्र राव ने सोमवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि तहरीक मुस्लिम शब्बान द्वारा राज्यसभा में वंदे मातरम विधेयक का विरोध करने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण है। वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत आज देश का राष्ट्रगीत है और आजादी की लड़ाई के समय इसने लाखों युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाई थी।

भाजपा नेता ने कहा कि भारत की पहचान ही विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों को साथ लेकर चलने की रही है। ऐसे में तहरीक मुस्लिम शब्बान द्वारा धार्मिक आधार पर वंदे मातरम का विरोध करना उचित नहीं है। राव ने कहा कि अगर कोई यह कहता है कि वह इस भूमि या देश में विश्वास नहीं रखता और केवल धार्मिक आस्था के आधार पर राष्ट्रगीत का विरोध करता है, तो यह देश की परंपरा के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि भारत में हर धर्म के लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया है। मौलाना अबुल कलाम आजाद समेत कई मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि देशभक्ति किसी धर्म विशेष से जुड़ी नहीं होती।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम कोई धार्मिक गीत नहीं है बल्कि यह देश की महानता और मातृभूमि के सम्मान को दर्शाने वाला राष्ट्रगीत है। इसके शब्दों ने आजादी के आंदोलन के दौरान लोगों में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक गीत का विरोध करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और उसकी पहचान से जुड़े विषयों पर राजनीति से ऊपर उठकर विचार किया जाना चाहिए।

Leave feedback about this

  • Service