अभिनेत्री नफीसा अली ‘स्टेज-4 पेरिटोनियल और ओवेरियन कैंसर’ से जूझ रही हैं। इसके बावजूद उन्होंने 11,000 फीट की ऊंचाई पर ट्रैकिंग करने के साथ-साथ निर्देशक पद्मकुमार की फिल्म ‘मैक्स, मिन एंड मियोजाकी’ की शूटिंग पूरी की। उनके इस असाधारण जज्बे, लगन और हिम्मत को देखकर निर्देशक पद्मकुमार उनसे बेहद प्रभावित हुए हैं।
निर्देशक ने आईएएनएस के साथ बातचीत में अभिनेत्री को पॉजिटिविटी और हिम्मत की मिसाल बताया। उन्होंने कहा, “नफीसा एक सकारात्मक सोच और अच्छे मूल्यों वाली इंसान हैं। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लोगों की आवाज उठाती हैं। नफीसा बेहद धर्मनिरपेक्ष सोच रखती हैं। इस फिल्म ने ऐसे लोगों को एक साथ लाया है, जिनकी सोच और मानवीय मूल्य एक जैसे हैं।”
उन्होंने कहा, “यह फिल्म संयोग से हम सबको एक साथ लेकर आई, लेकिन यह समान सोच रखने वाले लोगों का मिलन भी है। हम चाहते हैं कि दुनिया प्यार, अपनापन और इंसानियत से भरी हो और नफीसा उसी सोच का सबसे अच्छा उदाहरण हैं। इस फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति की यही इच्छा है कि इंसानियत एक परिवार की तरह मिलकर आगे बढ़े, क्योंकि हम सब एक हैं। नफीसा इस भावना की सच्ची मिसाल हैं। वह बेहद प्रेरणादायक हैं और लोगों में सकारात्मक ऊर्जा भर देती हैं।”
निर्देशक पद्मकुमार ने शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि नफीसा के अंदर बच्चों जैसी मासूमियत है। उनका मजाकिया अंदाज सेट पर खुशनुमा माहौल बनाए रखता था। उन्होंने कहा, “नफीसा अक्सर सेट पर सबके साथ हंसी-मजाक, शरारतें और मजाक में किसी की टांग खींच लेती थीं। उनका स्वभाव बिल्कुल एक बच्चे जैसा था और उनकी वजह से सेट का पूरा माहौल हल्का-फुल्का और खुशियों से भर जाता था।”
अभिनेत्री पिछले 8 साल से कैंसर से जंग लड़ रही हैं। पहली बार 2018 में उन्हें स्टेज-3 कैंसर का पता चला था। ठीक होने के बाद बीमारी फिर से लौट आई और अब वे स्टेज-4 का सामना कर रही हैं।

