बेंगलुरु के शिवाजीनगर में ‘सेफ फुटपाथ कैंपेन’ के तहत अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान सरकारी अधिकारियों पर कथित हमले के मामले में ‘नम्मा कर्नाटक सेना’ के राज्य अध्यक्ष बसवराज पडुकोटे को गिरफ्तार किया गया है।
बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, इस मामले के मुख्य आरोपी पडुकोटे ने कथित तौर पर उन अधिकारियों पर हमले की अगुवाई की जो अवैध कब्जे हटाने का काम कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पडुकोटे का आपराधिक बैकग्राउंड है और घटना के बाद उसने अपना मोबाइल फोन बंद करके फरार हो गया।
पडुकोटे की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ़्तार लोगों की कुल संख्या 11 हो गई है। इससे पहले पुलिस ने पडुकोटे के बेटे रघु समेत 10 आरोपियों को हिरासत में लिया था। इस मामले में कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने शहर की पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई की तारीफ की। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “शिवाजीनगर में जीबीए अधिकारियों पर हमले की घटना के मुख्य आरोपी बसवराज पडुकोटे को 10 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपना फोन बंद कर लिया था और छिप गया था, लेकिन पुलिस ने कई टीमें बनाईं, उसे ट्रैक किया और भागने की कोशिश करते समय उसे गिरफ्तार कर लिया। बेंगलुरु सिटी पुलिस की त्वरित और दृढ़ कार्रवाई के लिए मैं उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।”
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चलता है कि पडुकोटे ने कन्नड़ संगठनों के जरिए इलाके में अपना असर बढ़ाया और खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पेश किया।
पुलिस को शक है कि पडुकोटे ने कन्नड़ संगठनों के बैनर तले गणेश चतुर्थी का आयोजन किया और शिवाजीनगर में फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों से कथित तौर पर हफ्ता (जबरन वसूली) वसूला। जांच करने वालों का मानना है कि इस पैसे का इस्तेमाल उसने अपना लोकल नेटवर्क मजबूत करने और अपनी एक बड़ी सार्वजनिक छवि बनाने में किया।
पडुकोटे मशहूर हस्तियों के साथ तस्वीरें खिंचवाने और खुद को एक अहम सार्वजनिक हस्ती के तौर पर पेश करने के लिए भी जाना जाता था। अधिकारी अब उसकी कथित गतिविधियों के दायरे और दूसरे अपराधों से उसके संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर और गिरफ्तारियां या आरोप तय किए जा सकते हैं।
मंगलवार को बेंगलुरु के शिवाजीनगर इलाके में फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने का काम कर रहे नगर निगम के कर्मचारियों पर कथित तौर पर पेपर स्प्रे और हेलमेट से हमला किया गया। इस घटना से सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इस इलाके में तनाव फैल गया और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने नगर निगम के कर्मचारियों पर हुए कथित हमले की निंदा की। उन्होंने हमलावरों को “गुंडे” करार दिया और कहा कि इसमें शामिल हर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना शिवाजीनगर बस टर्मिनल के पास हुई, जब ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) अतिक्रमण विरोधी अभियान चला रही थी। अधिकारियों का आरोप है कि लोगों के एक समूह ने अभियान में बाधा डाली, नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मारपीट की और अभियान में लगे कर्मियों पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया।

