N1Live National नासिक टीसीएस केस: निदा खान समेत अन्य दो आरोपियों की जमानत याचिका पर 19 जून को होगी सुनवाई
National

नासिक टीसीएस केस: निदा खान समेत अन्य दो आरोपियों की जमानत याचिका पर 19 जून को होगी सुनवाई

Nashik TCS case: Hearing on the bail pleas of Nida Khan and two other accused to be held on June 19.

12 जून । नासिक के चर्चित टीसीएस कॉर्पोरेट जिहाद एवं धर्मांतरण प्रकरण में आरोपी निदा खान सहित अन्य दो आरोपियों द्वारा दाखिल जमानत याचिका पर अब 19 जून को सुनवाई होगी। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपियों के वकीलों की दलीलें सुनीं और जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई तथा निर्णय के लिए 19 जून की तारीख निर्धारित की।

मामले में सरकारी पक्ष की ओर से भी 19 जून को अपना पक्ष रखा जाएगा। इसके बाद न्यायालय जमानत याचिका पर निर्णय ले सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए दो बार तारीख दी जा चुकी है, लेकिन विभिन्न कारणों से मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई गई थी।

अब नाशिक के बहुचर्चित कॉर्पोरेट जिहाद एवं धर्मांतरण प्रकरण में आरोपी निदा खान सहित अन्य दो आरोपियों की जमानत याचिका पर 19 जून को सुनवाई होने वाली है।

पुलिस के अनुसार, टीसीएस कंपनी से जुड़े इस प्रकरण में अत्याचार और धार्मिक भावना आहत करने के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इससे पहले, अदालत ने इस मामले में आरोपी निदा खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज था। रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया था। निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र स्थित कैसर कॉलोनी के एक आवासीय अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था।

बता दें कि यह पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

जांच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा लेकिन उनकी शिकायतों को मानव संसाधन विभाग ने नजरअंदाज कर दिया।

Exit mobile version