July 23, 2026
National

नीट पेपर लीक विवाद: गुजरात कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भाजपा का विरोध प्रदर्शन

NEET paper leak row: BJP protests outside Gujarat Congress headquarters.

नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद बुधवार को गुजरात भाजपा ने अहमदाबाद स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव गांधी भवन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में करीब 200 से 300 भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ जैसे नारे लगाए। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास को निशाना बनाया।

भाजपा के प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए करीब 10 पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और दो संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल तथा नीरज बुडगुजर सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान राजीव गांधी भवन के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी और पुलिस की भारी मौजूदगी रही। भाजपा का यह प्रदर्शन उसी परिसर के बाहर सुबह हुए कांग्रेस के धरना और विरोध मार्च के बाद हुआ। कांग्रेस ने कथित नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया था। कांग्रेस का मार्च राजीव गांधी भवन से निकलने के कुछ ही देर बाद पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।

इस दौरान कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता पुलिस के वाहनों पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा, विधायक इमरान खेड़ावाला और महिला प्रदर्शनकारियों सहित करीब 100 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस का यह प्रदर्शन उस व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा था, जिसकी शुरुआत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर नीट विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन के बाद हुई।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

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