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नीट यूजी 2026 पेपर लीक पर परीक्षार्थियों में भारी आक्रोश, एनएसयूआई का सरकार और सिस्टम के खिलाफ जमकर प्रदर्शन

NEET UG 2026 paper leak sparks widespread anger among candidates, with NSUI staging a massive protest against the government and the system.

12 मई । नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा अंडरग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए 3 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी 2026) रद्द कर दी गई है। यह फैसला परीक्षा से पहले पेपर लीक होने के कारण लिया गया है, जिसके बाद परीक्षार्थियों में सरकार और व्यवस्था की विफलता के खिलाफ नाराजगी है।

इसी को लेकर मंगलवार को दिल्ली में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में नीट यूजी की परीक्षा में शामिल हुए सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल थे। इस दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जिस तरीके से नीट यूजी का पेपर लीक हुआ है, उस पर सरकार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, यह बेहद दुखद है। किस तरीके से 600 अंकों के प्रश्न पत्र छात्रों के बीच गेस पेपर के रूप में पहले ही सर्कुलेट हो गए, चाहे वो टेलीग्राम हो या व्हाट्सएप ग्रुप, यह सोचने का विषय है।”

उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों नौजवान पिछले 2 साल से नीट यूजी की तैयारी कर रहे थे। इनमें से हजारों छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिनके माता-पिता ने लोन लेकर अपने बच्चे को पढ़ाया है। ऐसे में पेपर लीक होना शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की विफलता है। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को पेपर लीक माफिया के खिलाफ एक ठोस कदम उठाना चाहिए। जो भी इससे दोषी है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। आज बच्चों के भविष्य से जुड़ा यह बड़ा सवाल है कि आखिरकार यह पेपर लीक क्यों और कैसे हो रहे हैं। यह सरकार की कार्यशैली पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

नीटी यूजी की परीक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक पेपर और नौजवानों का भविष्य नहीं है। यह ये भी सुनिश्चित करना है कि अगर भविष्य में ऐसे पेपर चोर डॉक्टर बन गए तो हमारा स्वास्थ्य और हमारे देश का स्वास्थ्य किनके हाथों में रहेगा।

वहीं, विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए नीट परीक्षाओं का कहना है कि बीते वर्ष 2024 में भी इसी प्रकार नीट यूजी पेपर लीक हुआ था, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। एक बार फिर से ऐसा हुआ है। 600 अंकों का पेपर लीक हो गया और अभी तक इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों का कहना है कि जब धांधली वाले बच्चों को ही आगे जाना है तो सालों मेहनत से पढ़ने का क्या फायदा है। छात्रों ने कहा, “सालों घर और अपने परिवार से बाहर रहकर, लाखों रुपए खर्च करने के बाद जब पेपर ही लीक हो जाए, तो ऐसे में सरकार क्या कर रही है? यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।”

राजधानी दिल्ली के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी नीट यूजी पेपर लीक को लेकर छात्रों और संगठनों में सरकार और व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश का माहौल है। इसको लेकर जम्मू-कश्मीर के एक नीट परीक्षार्थी का कहना है, “यह एनटीए के प्रशासन और प्रबंधन की घोर विफलता है। 2024 में भी इसी तरह प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इस साल भी पेपर लीक हुआ और अब उसे रद्द कर दिया गया है। जिन छात्रों ने दो साल की कड़ी मेहनत के बाद बिना किसी नकल के नीट परीक्षा दी थी, उनका प्रश्नपत्र रद्द कर दिया गया है। यह बहुत अन्यायपूर्ण और उन छात्रों के लिए बेहद अनुचित निर्णय है।”

नीट यूजी पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द करने के फैसले को राजस्थान के छात्रों ने सराहा। उन्होंने कहा, “भारत सरकार की मंजूरी से एनटीए द्वारा नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। राजस्थान के परीक्षार्थियों ने मंगलवार को इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अगर परीक्षा रद्द नहीं की जाती तो ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ अन्याय होता। वहीं, छात्रों ने पेपर लीक की इस घटना को राष्ट्रीय शिक्षा प्राधिकरण (एनटीए) और प्रशासन की विफलता भी बताया।

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