12 मई । आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और परीक्षा माफिया के खिलाफ उसकी ‘चुप्पी और निष्क्रियता’ पर सवाल उठाया।
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि शीर्ष स्तर पर मिलीभगत और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को राजनीतिक संरक्षण देना ही इस तरह के पेपर लीक के पीछे मुख्य कारण हैं।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का जीवन खतरे में है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या सरकार इस बात को समझती है कि ऐसे समय में बच्चों और उनके परिवारों को किस हद तक पीड़ा झेलनी पड़ती है।
केंद्रीय परीक्षा संचालक संस्था राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को 3 मई को हुई नीट परीक्षा को रद्दा कर दिया। यह फैसला परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के बारे में केंद्रीय एजेंसियों को मिली सूचनाओं के बाद लिया गया।
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर विफलता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं।
उन्होंने कहा, “नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की ऐसी ही घटनाएं 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में कई बार हुईं। सरकार को यह बताना चाहिए कि पिछली बार प्रश्नपत्र लीक करने के पीछे कौन लोग थे।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा, “अगर सरकार बिना पेपर लीक हुए परीक्षा आयोजित नहीं कर सकती तो उनसे कुशल शासन चलाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने उच्च पदों पर बैठे और परीक्षा संचालन की अध्यक्षता कर रहे उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की, जो निष्पक्षता से परीक्षा आयोजित करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
उन्होंने मांग की है कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।”
आईआईटी और आईएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अपने वर्षों के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान माता-पिता को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, और इसके लिए जिम्मेदार लोगों से कड़ी जवाबदेही की मांग की जाती है।
केजरीवाल ने प्रभावित छात्रों को एकजुट होकर पेपर लीक माफिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का आग्रह किया और कहा, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर वे अपना गुस्सा और आक्रोश व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरना चाहते हैं तो केजरीवाल उनके साथ खड़ा है।”

