August 27, 2026
National

नेपाल बाढ़: भारत लगातार सहायता में बढ़ा रहा हाथ, 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप लेकर रवाना हुआ व‍िमान

Nepal Floods: India continues to extend a helping hand; a plane has departed with a second consignment of 37.5 tonnes of relief material.

नेपाल के तीन जिलों में भोटेकोसी नदी में आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से हुई तबाही के बाद भारत की ओर से लगातार सहायता जारी है। नेपाल में जल आपदा को लेकर भारत मदद का हाथ बढ़ाते हुए लगातार राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी रखे हुए है। व‍िदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया क‍ि नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए बुधवार को दस टन मानवीय सहायता की पहली खेप के बाद गुरुवार को भी भारत ने दूसरी 37.5 टन खेप रवाना कर दी है।

जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में ल‍िखा, ”भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने का अभियान जारी है। दूसरी उड़ान भी नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है, जिसमें 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट भेजे गए हैं।” उन्होंने बताया क‍ि भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार और करीबी संपर्क में बना हुआ है। राहत और बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग जारी रखा जाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”नेपाल के लिए 37.5 टन एचएडीआर सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट लेकर दूसरी उड़ान रवाना हो चुकी है। भारत ने दोहराया है कि वह इस कठिन समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और चल रहे राहत प्रयासों को पूरा समर्थन देता रहेगा।”

इससे पहले बुधवार को भारत ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 10 टन मानवीय सहायता भेजी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह राहत सामग्री औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। इस सहायता में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी राहत सामग्री शामिल है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस कठिन समय में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह तक नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ में बह गए 162 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने एक नोटिस में बताया कि ये शव भोटेकोशी और त्रिशूल नदी प्रणालियों के निचले इलाकों के कई जिलों में नदी के किनारों से बरामद किए गए। इनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं।

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह बाढ़ तब आई जब भोटेकोसी नदी की सहायक नदी ‘ल्हेन्डे’ का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण रुक गया। इसके बाद सबसे पहले नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गांव प्रभावित हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाके में बारिश नहीं हुई थी, इसलिए लोगों को इस आपदा के आने का कोई अंदाजा नहीं था। बाढ़ आने के समय लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लगे हुए थे।

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