मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार एक नई औद्योगिक नीति तैयार करने के अंतिम चरण में है, जिसे हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजित करने के लिए जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा।
उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति को व्यापक और उद्योग-हितैषी बनाने के लिए सभी हितधारकों से परामर्श किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार व्यापार में आसानी लाने की पहल के तहत एकल-खिड़की मंजूरी प्रणाली को मजबूत कर रही है और नियमों एवं प्रक्रियाओं को सरल बना रही है ताकि राज्य में उद्योगपतियों के लिए उद्यम स्थापित करना और चलाना आसान हो सके।
सुखु ने कहा कि सरकार ने निवेश के माहौल को बेहतर बनाने के लिए पिछले साढ़े तीन वर्षों में कई नीतिगत पहल और कानूनी सुधार किए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई औद्योगिक नीति नए निवेश को आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ऊना में थोक औषधि पार्क की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना में तेजी लाने और देश भर की प्रतिष्ठित कंपनियों को इसमें निवेश करने के लिए आमंत्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 2,071 करोड़ रुपये की इस परियोजना से रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा होंगे। लगभग 800 बीघा भूमि को समतल किया जा चुका है और स्थल विकास कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को 15 जुलाई तक सार्वजनिक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र और भाप उत्पादन सुविधा को पूरा करने का निर्देश भी दिया। मुख्यमंत्री ने धर्मशाला स्थित यूनिटी मॉल के निर्माण की समीक्षा भी की और कहा कि 66 करोड़ रुपये की पहली किस्त पहले ही जारी की जा चुकी है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।


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