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टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने की कार्रवाई, 10 राज्यों में 20 जगहों पर मारे छापे

NIA takes action in terror funding case; raids 20 locations across 10 states.

8 जुलाई । नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में 20 जगहों पर एक साथ छापेमारी कर रही है। यह छापेमारी आतंकी साजिश के एक मामले के सिलसिले में की जा रही है।

ये छापे विशाखापत्तनम ब्रांच में दर्ज टेरर-लिंक्ड रेडिकलाइजेशन केस की एनआईए की जांच के सिलसिले में मारे जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यह जांच 22 मार्च को विजयवाड़ा पुलिस द्वारा मोहम्मद रहमतुल्ला शरीफ नामक एक रेडिकलाइज्ड व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई।

ये छापे उत्तर प्रदेश में पांच जगहों पर, आंध्र प्रदेश में चार, महाराष्ट्र में तीन, दिल्ली में दो और बिहार, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में एक-एक जगहों पर मारे जा रहे हैं।

यूपी के बुलंदशहर में एनआईए ने कॉस्मेटिक्स के व्यापारी अब्दुल कादिर और उसके दो भाइयों के घरों पर छापा मारा गया। तीनों पर हवाला, टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।

विशाखापत्तनम की एक टीम ने तीन गाड़ियों में बुधवार सुबह एक साथ तीनों जगहों पर छापा मारा। शहर के इंटा रोडी इलाके में अभी भी छापा जारी है।

खबरों के मुताबिक एनआईए की टीम को अब्दुल कादिर और उनके दो भाइयों फैसल और बिलाल के घरों से भारी मात्रा में कैश मिला है। नोट गिनने वाली मशीनें मंगवाई गई हैं। घर के बाहर दो थानों की पुलिस तैनात है। टीम अंदर नोट गिन रही है।

सुरक्षा एजेंसियों ने मोहल्ला इंटा रोडी और आसपास के इलाके को सील कर दिया है। छापे वाली जगहों के आसपास किसी बाहरी व्यक्ति को आने की इजाजत नहीं है और न ही अंदर मौजूद किसी व्यक्ति को बाहर जाने दिया जा रहा है।

इस बीच, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एनआईए के अधिकारियों ने विंचीपेटा इलाके में तलाशी शुरू कर दी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह मामला हाल ही में एनआईए को सौंपा गया था और कथित टेरर लिंक से जुड़ा है।

इससे पहले अप्रैल में विजयवाड़ा के रहने वाले 23 साल के मोहम्मद रहमतुल्ला शरीफ, 27 साल के मोहम्मद दानिश और 23 साल के मिर्जा सोहेल बेग, हैदराबाद की 38 साल की सईदा बेगम और बेल्लारी (कर्नाटक) के अब्दुल सलाम को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की अपनी कथित योजनाओं की जानकारी साझा की थी।

जांच के हिस्से के तौर पर एनआईए अधिकारी आरोपियों के घरों की तलाशी ले रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनके किसी अन्य व्यक्ति या संगठन से संबंध थे।

जांचकर्ताओं को पहले ही पता चल गया था कि टेरर नेटवर्क मामले के आरोपी, विदेशी हैंडलर अल-हकीम शकूर के कहने पर भारत में एक्यूआईएस और आईएसआईएस की गतिविधियों को बढ़ाने का काम कर रहे थे।

आरोपियों ने ‘अल-मलिक इस्लामिक यूथ’ नाम का एक ग्रुप बनाया था, उन्होंने कबूल किया कि उनमें शुरू से ही जिहादी सोच थी, लेकिन शकूर के संपर्क में आने के बाद यह सोच और मजबूत हो गई।

आरोपियों ने बताया कि उसके कहने पर वे देश में एक्यूआईएस और आईएसआईएस की गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। वे युवाओं को आत्मघाती हमले करने के लिए उकसाने की कोशिश भी कर रहे थे।

विजयवाड़ा टू टाउन पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), बीएनएस और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

एफआईआर में 12 आरोपियों के नाम शामिल हैं, जो आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों से हैं।

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