June 15, 2026
National

निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस सरकार के आरोपों का किया खंडन, बोली- कर्नाटक को केंद्र से मिला रिकॉर्ड फंड

Nirmala Sitharaman refutes allegations by the Congress government, says Karnataka received record funds from the Centre.

केंद्र सरकार और कर्नाटक सरकार के बीच फंड आवंटन को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक को मिले केंद्रीय फंड के आंकड़ों को पेश कर वहां की कांग्रेस सरकार की पोल खोल दी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर्नाटक में अक्सर यह नैरेटिव बनाया जाता है कि राज्य केंद्र को बड़ा राजस्व देता है, लेकिन बदले में उसे पर्याप्त धन नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यह दावा तथ्यों के आधार पर सही नहीं है।

वित्त मंत्री के अनुसार, वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत करों के बंटवारे के माध्यम से वर्ष 2014 से 2026 के बीच कर्नाटक को लगभग 4 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। उन्होंने इसकी तुलना यूपीए शासनकाल से करते हुए कहा कि 2014 से पहले के 10 वर्षों में राज्य को केवल 82 हजार करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। उनके मुताबिक मौजूदा अवधि में यह राशि लगभग पांच गुना अधिक है।

उन्होंने बताया कि अनुदान और सहायता के रूप में भी कर्नाटक को वर्ष 2014 से 2026 के बीच 2.71 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। जबकि यूपीए सरकार के दौरान 10 वर्षों में यह राशि लगभग 60 हजार करोड़ रुपए थी। निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड महामारी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह महसूस किया कि राज्यों की आर्थिक मजबूती के बिना देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे नहीं बढ़ सकती। इसी सोच के तहत केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के लिए 50 वर्षों की ब्याज मुक्त ऋण योजना शुरू की।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 2021 से अब तक कर्नाटक को 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है। यह राशि वित्त आयोग की किसी बाध्यता के तहत नहीं, बल्कि राज्यों के विकास और पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में केवल करों के हिस्से के रूप में कर्नाटक को 63 हजार करोड़ रुपए मिलने का प्रावधान है। उन्होंने दावा किया कि यह एक वर्ष में मिलने वाली राशि, यूपीए शासन के पूरे 10 वर्षों में मिले फंड से 76 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा सहकारी संघवाद में विश्वास रखते हैं। हाल ही में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए थे और प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि केंद्र और राज्य मिलकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करेंगे।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत के विकास की यात्रा में केंद्र और राज्यों दोनों की साझी भूमिका है।

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