April 17, 2026
National

‘संसद में भाषण नहीं, जादू शो कर रहे थे’, निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर तीखा हमला

‘No speech in parliament, were doing magic show’, Nishikant Dubey’s sharp attack on Rahul Gandhi

17 अप्रैल । संसद के विशेष सत्र में शुक्रवार को महिला आरक्षण और परिसीमन समेत तीन अहम विधेयकों पर वोटिंग होनी है। इन विधेयकों को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार ने विशेष सत्र बुलाया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक तरफ जहां सरकार इन विधेयकों को ऐतिहासिक बता रही है, वहीं विपक्ष इनके समय और मंशा पर सवाल उठा रहा है। गुरुवार को लोकसभा में इस मुद्दे पर जोरदार बहस देखने को मिली थी और अब सभी की निगाहें आज होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं।

इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए भाषण को ‘जादू शो’ करार देते हुए कहा कि यह समझना मुश्किल था कि वह संसद में भाषण दे रहे थे या कोई प्रदर्शन कर रहे थे।

राहुल गांधी के भाषण पर तंज कसते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “हम लोग यहां रात डेढ़ बजे तक लगातार जमे हुए थे। आज जब मैं यहां आया तो मुझे लगा कि लीडर ऑफ अपोजिशन से माताओं-बहनों के बारे में सुनने को मिलेगा। लेकिन मुझे लगा कि मैंने जैसे माइकल जैक्सन का डांस देख लिया।

उन्होंने आगे कहा कि देश के सबसे मजबूत उद्योगपतियों में टाटा परिवार का नाम सबसे ऊपर आता है और राहुल गांधी को यह तक जानकारी नहीं है कि टाटा परिवार अल्पसंख्यक वर्ग में आता है। इसके साथ ही उन्होंने वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का जिक्र करते हुए कहा कि वे ओबीसी वर्ग से आते हैं।

जातिगत जनगणना के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले इस तरह की जनगणना के खिलाफ रही है। उन्होंने सोनिया गांधी और पी चिदंबरम के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पहले कहा था कि जातिगत जनगणना संविधान के दायरे में नहीं है और इससे देश में विभाजन हो सकता है। साल 2011 में सोनिया गांधी, चिदंबरम, प्रणव मुखर्जी और मनमोहन सिंह ने इस प्रक्रिया का विरोध किया था।

उन्होंने आगे कहा कि मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव के प्रयासों से जातिगत जनगणना तो कराई गई, लेकिन उसका डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया। लेकिन, हमारी सरकार जातिगत जनगणना कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके नतीजे अगले एक-दो वर्षों में सामने आ सकते हैं।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि आप डिलिमिटेशन की बात कर रहे हैं? अगर महिला आरक्षण एक्ट 2023, जैसा कि सरकार ने नोटिफाई किया है, लागू होता है, तो हम इसे कल से 543 सीटों के आधार पर लागू करने के लिए तैयार हैं और ऐसा होगा। दक्षिणी राज्यों में सीटें कम होने के लिए कौन जिम्मेदार होगा? वे सीटों का नुकसान उठाएंगे और इसके लिए राहुल गांधी जिम्मेदार होंगे।

Leave feedback about this

  • Service