N1Live National नोएडा: वेतन वृद्धि की मांग पर हंगामे के बाद प्रशासन की मध्यस्थता से सुलझा विवाद, श्रमिकों और प्रबंधन के बीच बनी सहमति
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नोएडा: वेतन वृद्धि की मांग पर हंगामे के बाद प्रशासन की मध्यस्थता से सुलझा विवाद, श्रमिकों और प्रबंधन के बीच बनी सहमति

Noida: After uproar over the demand for salary hike, dispute resolved through mediation of administration, agreement reached between workers and management

गौतमबुद्धनगर के नोएडा के थाना फेस-2 क्षेत्र में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारियों द्वारा किए गए हंगामे और पत्थरबाजी के बाद आखिरकार जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सक्रिय मध्यस्थता से मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया।

औद्योगिक क्षेत्र में उत्पन्न इस अशांति को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रमिकों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। यह बैठक जनपद गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक शांति बहाल करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इसमें श्रमिक संगठनों और सेवायोजकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से मेसर्स रेनबो फैबर्ट, पैरामाउंट फैशन एंड स्टाइल्स, रिचा ग्लोबल, साहू एक्सपोर्ट और अनुभव अपैरल्स के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), उप जिलाधिकारी दादरी तथा पुलिस आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और डीसीपी सेंट्रल नोएडा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह वार्ता संपन्न हुई। बैठक के दौरान श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगें रखीं, जिनमें हरियाणा सरकार की तर्ज पर वेतन वृद्धि, ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से, साप्ताहिक अवकाश, नियमानुसार बोनस, महिला श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, शिकायत निवारण व्यवस्था और श्रमिक प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने जैसी मांगें शामिल थीं। प्र

बंधन ने श्रमिकों की कई प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए सहमति जताई। तय किया गया कि 11 अप्रैल 2026 से ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा और यदि रविवार को कार्य कराया जाता है तो उसका भुगतान भी दोगुनी दर से किया जाएगा। इसके अलावा 30 नवंबर तक सभी श्रमिकों को बोनस उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। महिला श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक फैक्ट्री में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी और नियमित बैठकें आयोजित होंगी।

शिकायत निवारण के लिए शिकायत पेटी भी स्थापित की जाएगी। साथ ही यह भी तय हुआ कि आंदोलन में शामिल श्रमिक प्रतिनिधियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी और किसी भी कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक होगी। अपर श्रम आयुक्त ने श्रमिकों की वेतन वृद्धि की मांग को उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया है। वहीं श्रमिक प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी कर्मचारी शांतिपूर्वक अपने घर लौटेंगे और पहले की तरह काम पर लौट आएंगे।

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