14 अप्रैल । गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि श्रमिकों की वेतनवृद्धि की मांग को मान लिया गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और हाई पावर कमेटी का धन्यवाद भी किया। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अन्य मांगों पर भी विशेष ध्यान रखा गया है, जो सीधे तौर पर श्रमिकों के हितों से जुड़ी हुई हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि श्रमिकों के वेतन वृद्धि के इतर यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी को 10 तारीख से पहले वेतन दे दिया जाए और नवंबर से पहले सभी को उनका बोनस मिल जाए। हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा। साथ ही, अगर कोई निर्धारित समय से अतिरिक्त या छुट्टी पर काम करेगा, तो उसे उसका भी आर्थिक लाभ दिया जाएगा। हमारी तरफ से यही कोशिश की जाएगी कि किसी भी श्रमिक के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात नहीं हो।
मेधा रूपम ने बताया कि सभी जगहों पर यौन शोषण समितियां गठित की जाएंगी, जिनका अध्यक्ष महिलाएं ही होंगी। इसका बाकायदा नोटिस भी चस्पा किया जाएगा, जिसमें यह विस्तार से बताया गया होगा कि आप कहां पर किसी मामले की शिकायत कर सकते हैं। इसके इतर, शिकायत पेटियां भी होंगी, जिसमें भी लोग अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि अगर किसी भी श्रमिक को शिकायत है, तो उसके लिए प्रशासन और जिलाधिकारी के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं। उसे संकोच करने की आवश्यकता नहीं है। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच मैं एक बात साफ कर देना चाहती हूं कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। मेरी सभी लोगों से यही अपील है कि वो किसी भी स्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं। अगर आपको अपनी बात रखनी है, तो उसे सौहार्दपूर्ण तरीके से रखना होगा। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की शिकायत के लिए कॉल सेंटर के नंबर भी जारी किए गए हैं। उस पर भी श्रमिक अपनी शिकायत कर सकते हैं, उसकी निगरानी मैं खुद करूंगी। जो भी समस्याएं होंगी, उस पर त्वरित कार्रवाई होगी।


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