मंडी के संभागीय आयुक्त राज कृष्ण प्रुथी ने बुधवार को एनटीपीसी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विस्थापित परिवारों और प्रभावित क्षेत्रों के लिए की जाने वाली सभी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियां उपायुक्त अपूर्व देवगन की जानकारी में ही संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि समन्वय से प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता और राहत मिल सकेगी।
उन्होंने बुधवार को मंडी जिले के उपायुक्त कार्यालय में राज्य स्तरीय कोल बांध विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। उपायुक्त भी बैठक में उपस्थित थे। मंडी जिले के सुंदरनगर और करसोग उपमंडलों में कोल बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रुथी ने एनटीपीसी के अधिकारियों को गैर-सरकारी सदस्यों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया ताकि विस्थापित परिवारों की चिंताओं और मांगों को समय रहते समझा जा सके और उनका तुरंत समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को हल करने के लिए आवश्यक कदम बिना किसी देरी के उठाए जाने चाहिए ताकि विस्थापित परिवारों को असुविधा न हो।
बैठक में कोल बांध परियोजना के कारण सतलुज नदी के किनारों पर जमा होने वाली गाद की समस्या पर भी चर्चा हुई। संभागीय आयुक्त ने एनटीपीसी प्रबंधन को इस समस्या के समाधान के लिए उचित उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोल बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय से काम करने और विस्थापित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया।
संभागीय आयुक्त (मंडी) की सहायक आयुक्त सुनैना शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट मदन कुमार, सुंदरनगर के एसडीएम अमर नेगी, एनटीपीसी की वरिष्ठ प्रबंधक अंजुला अग्रवाल और सहायक प्रबंधक (एचआर) पूरन सिंह भी बैठक में उपस्थित थे।


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