नूरपुर कस्बे के आसपास रहने वाले निवासियों और पंचायती राज संस्थाओं के निवर्तमान निर्वाचित प्रतिनिधियों ने नूरपुर सिविल अस्पताल से एक चिकित्सक और एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के अचानक तबादले का विरोध किया है। अब इन्हें क्रमशः सिरमौर जिले के पांवटा साहिब और कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर स्थित सिविल अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा रहा है। 200 बिस्तरों वाले अधिसूचित सिविल अस्पताल में पिछले 22 महीनों से अधिक समय से बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट का अभाव है। लगातार जन मांग के बावजूद राज्य सरकार इन विशेषज्ञ पदों को भरने में विफल रही है।
हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पिछले वर्ष अप्रैल और नवंबर में नूरपुर सिविल अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट के पदों को भरने के लिए दो बार प्रयास किया था, लेकिन उनमें से किसी ने भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया। ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 130 से 150 मरीजों को दवाइयां देने वाले चिकित्सक डॉ. आशीष का अचानक तबादला हो गया, जबकि दो साल पहले यहां तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज भी प्रतिदिन लगभग इतने ही मरीजों को दवाइयां लिख रहे थे।
इन तबादलों से स्थानीय निवासियों में काफी असंतोष फैल गया है। सामाजिक संगठनों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से इनके तबादलों को रद्द करने की अपील की है। सदवान, कोपरा, लागोर, हदल और ओन्ध ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधान पवन कुमार, मीनु रानी, शरवन कुमार, विजय कुमार और रीनू देवी तथा नूरपुर नगर परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष अशोक कुमार ने राज्य सरकार से विशेषज्ञों के रिक्त पदों को भरने और चिकित्सक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ के तबादलों को रद्द करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “ये विशेषज्ञ समर्पित स्वास्थ्य सेवा पेशेवर हैं और उनके ओपीडी में आने वाले मरीज उनके व्यवहार और उपचार से संतुष्ट हैं।”

