N1Live National पर्यवेक्षक मैदान में ईसीआई के प्रतिनिधि, उच्चतम स्तर के आचरण की अपेक्षा : सीईसी ज्ञानेश कुमार
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पर्यवेक्षक मैदान में ईसीआई के प्रतिनिधि, उच्चतम स्तर के आचरण की अपेक्षा : सीईसी ज्ञानेश कुमार

Observers are ECI representatives on the field, highest standards of conduct expected: CEC Gyanesh Kumar

6 फरवरी । भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैनात किए जाने वाले 1,444 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की ब्रीफिंग बैठकें पूरी कर ली हैं। ये बैठकें 5 और 6 फरवरी को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में तीन बैचों में आयोजित की गईं।

ब्रीफिंग में 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हुए। इन अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के हर पहलू पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें मतदाता सूची तैयार करना, चुनाव संचालन, व्यय निगरानी, सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया से जुड़े मुद्दे और आदर्श आचार संहिता का पालन शामिल था। पर्यवेक्षकों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपीएटी का भी प्रदर्शन दिखाया गया।

ब्रीफिंग के दूसरे और अंतिम दिन मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर तीसरे बैच को संबोधित किया।

उन्होंने पर्यवेक्षकों से कहा कि भारत में चुनाव हमेशा कानून और ईसीआई के निर्देशों के अनुसार होते हैं। इसमें किसी भी तरह का विचलन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पर्यवेक्षकों से सख्ती से इन नियमों का पालन करने और स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

सीईसी ने बताया कि पिछले एक साल में आयोग ने कई नई पहलें की हैं और आगामी चुनावों के लिए कुछ अतिरिक्त कदम भी उठाए जा रहे हैं। उन्होंने पर्यवेक्षकों को मैदान में ईसीआई का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया और उच्चतम स्तर के आचरण की अपेक्षा की।

चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। मैदान में वे आयोग के प्रतिनिधि के रूप में काम करते हैं। इसलिए उन्हें सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उच्चतम नैतिकता का पालन करना चाहिए।

डॉ. विवेक जोशी ने पर्यवेक्षकों से अपील की कि वे मिलने वाली शिकायतों और समस्याओं को तुरंत हल करें। इससे चुनाव प्रक्रिया में जनता और राजनीतिक दलों का भरोसा बढ़ता है। उन्होंने पिछले एक साल में आयोग की नई पहलों का जिक्र किया, जो बिहार विधानसभा चुनाव में सफल रही थीं और अब इन राज्यों में भी लागू की जा रही हैं।

संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20 बी के तहत ईसीआई को मिली शक्तियों के आधार पर केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाते हैं। उनका मुख्य काम फील्ड स्तर पर चुनाव प्रक्रिया का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना, निगरानी करना और किसी भी गड़बड़ी को रोकना है।

आगामी चुनाव पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की कुल 824 विधानसभा सीटों पर होने हैं। आयोग ने पर्यवेक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से काम करें ताकि चुनाव प्रक्रिया पर किसी का कोई संदेह न रहे।

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