6 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण का असर देशभर में देखने को मिला। जम्मू-कश्मीर के रियासी से लेकर ओडिशा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और गुजरात तक छात्रों ने इस कार्यक्रम को उत्साह और एकाग्रता के साथ सुना।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम सुना। छात्राओं ने कहा कि पीएम के शब्दों से उन्हें परीक्षा को लेकर आत्मविश्वास मिला और तनाव कम करने की प्रेरणा मिली।
भुवनेश्वर में स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ छात्रों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने का एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि यह पहल छात्रों को दबाव से मुक्त होकर परीक्षा देने और इसे अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मानने के लिए प्रेरित करती है।
मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा में छात्रों को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने पीएम मोदी के संदेश को दोहराते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं है और अपेक्षित परिणाम न आने पर भी आगे बढ़ने के कई रास्ते होते हैं।
राजस्थान के करौली जिले में कलेक्ट्रेट स्थित हाई स्कूल में छात्रों ने वीडियो के माध्यम से ‘परीक्षा पे चर्चा’ देखी। पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि सफलता निरंतर सीखने और आत्मविश्वास के संतुलन से मिलती है।
जिला शिक्षा अधिकारी इंद्रेश तिवारी ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। छात्र-छात्राओं ने भी बताया कि उन्हें परीक्षा को डर नहीं, बल्कि उत्सव की तरह लेने की सीख मिली। छात्र सूरज सिंह ने बताया कि पीएम मोदी ने पढ़ाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सही उपयोग पर भी मार्गदर्शन दिया।
चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-20 की कक्षा 9 की छात्रा अनन्या शर्मा ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ में हिस्सा लिया। अनन्या ने बताया कि यह उनका सपना था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने पिछले सभी संस्करण देखे।
हिमाचल प्रदेश के नाहन और पांवटा साहिब के पीएम श्री कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में छात्राओं ने कार्यक्रम देखा। प्रधानाचार्य एमआर वर्मा ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ से छात्राओं का मनोबल बढ़ता है और वे बिना डर परीक्षा देने के लिए तैयार होती हैं।
गांधीनगर और सूरत के स्कूलों में भी छात्रों ने पीएम मोदी की बातों को ध्यान से सुना। छात्रों ने कहा कि पीएम ने समय प्रबंधन, योग और सकारात्मक सोच पर जोर दिया। नंदूबा स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. मोनिका शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम से बच्चों को यह समझ आता है कि जीवन सिर्फ अंकों तक सीमित नहीं है।

