कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने जिला प्रशासनिक अधिकारियों को जिले में विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा चेतावनी दी कि विकास कार्यों व जनकल्याण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सहकारिता, जेल, पर्यटन एवं हेरिटेज मंत्री ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान सोनीपत जिला में चल रहे विकास कार्यों एवं केंद्र व राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की।
शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकास कार्यों को गति देने का संकल्प लिया है, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में विधायक राय कृष्ण गहलावत, गन्नौर विधायक देवेन्द्र कादियान, मेयर राजीव जैन, डीसी डॉ. मनोज कुमार यादव, पुलिस आयुक्त नाजनीन भसीन सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि सभी विकास कार्य व योजनाएं निर्धारित समयावधि में पूरी की जाएं ताकि लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
शर्मा ने पुलिस आयुक्त को ड्रग सिंडिकेट को तोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “यदि अधिकारी अपने विभाग में अपनी समस्या लेकर आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे तो लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।”
मंत्री ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को आम जनता से सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान करना चाहिए।
मंत्री ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के तहत विकास कार्यों, सडक़ों, कॉलेज भवन निर्माण, अस्पताल, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, नगर निकायों और खेल विभाग की परियोजनाओं को पूरा करने की समय-सीमा को अंतिम रूप दिया और परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चंडीगढ़ को मंजूरी के लिए भेजी गई परियोजनाओं पर नजर रखें और यदि किसी प्रकार की देरी हो तो उसे जन प्रतिनिधियों के संज्ञान में लाया जाए।
मंत्री ने कहा, ‘‘विकास कार्यों में ठेकेदारों द्वारा लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने में देरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे न केवल विकास परियोजना में देरी होती है, बल्कि उसका बजट भी बढ़ जाता है।’’
कैबिनेट मंत्री ने डी-प्लान की धनराशि के खत्म होने पर असंतोष व्यक्त किया तथा चेतावनी दी कि ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए। मंत्री ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता को लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए गोहाना में दो दिन का शिविर लगाने के भी निर्देश दिए।
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