जनगणना-27 के सुचारू रूप से संपन्न होने की तैयारियां जोरों पर हैं। जिले की जनगणना में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला आज हमीर भवन में शुरू हुई। इस कार्यशाला में सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और नगर निगम तथा अन्य शहरी निकायों के अधिकारियों सहित जनगणना अधिकारी अपने कर्मचारियों के साथ भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त और जिला जनगणना अधिकारी अभिषेक गर्ग ने कहा कि जनगणना-27 अपने आप में एक विशाल कार्य होगा और प्रभार अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने आगे कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में प्राथमिक जिम्मेदारी प्रभार अधिकारियों की होगी। इसलिए, सभी प्रभार अधिकारियों और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों को जनगणना की सभी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह से समझना चाहिए ताकि कार्य त्रुटिरहित रूप से पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि जनगणना प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में, इस वर्ष 12 मई से 11 जून तक सभी घरों की सूची बनाई जाएगी, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या गणना के तहत प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक-आर्थिक डेटा एकत्र किया जाएगा।
गर्ग ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित 30 प्रश्नों के अंतर्गत 34 सूचनाओं को अपलोड किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति स्वयं यह जानकारी अपलोड करता है, तो संबंधित जनगणना अधिकारी द्वारा इसकी पुष्टि अनिवार्य होगी। जनगणना से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और कोई भी डेटा किसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
गर्ग ने कहा कि भारत की 16वीं जनगणना डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी और लोग इसे मोबाइल ऐप और जियो-टैगिंग सुविधा के माध्यम से भी कर सकेंगे। हिमाचल प्रदेश जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक प्रियांशु तिवारी, नोडल अधिकारी अजय सोलंकी और हिमांशु यादव ने भी अधिकारियों को जनगणना प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।


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