शनिदेव जयंती के पावन पर्व और शनि मंदिर की 13वीं वर्षगांठ के अवसर पर काशीपुर में स्थित प्राचीन श्री शीतला माता मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। यहां नवग्रह हवन-पूजन, महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर शनिदेव महाराज के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार सुबह 10 बजे शनिदेव के रुद्राभिषेक से हुई। मंदिर के प्रबंधक एवं पीठाधीश पं. संदीप मिश्रा ने विधि-विधान के साथ तेल महाभिषेक, महास्नान, हवन-पूजन और महाआरती संपन्न कराई। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद और खिचड़ी भंडारे का वितरण किया गया।
मंदिर परिसर में उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब उत्तर प्रदेश से आए अब्दुल शकूर ने अपनी लापता बेटी की सकुशल बरामदगी के लिए माता के दरबार में अर्जी लगाई और मन्नत मांगी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 27 फरवरी से लापता है और काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
मां के भक्त अब्दुल शकूर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मुझे जानकारी हुई कि गुम बच्चे का यहां पता लग जाता है। इसलिए मैं यहां अर्जी देने आया था। मैंने बेटी की गुम होने की अर्जी दे दी है। 27 फरवरी को मेरी बेटी गुम हो गई है। तब से हम उसकी तलाश कर रहे हैं। बेटी अभी नहीं मिली है। उसकी जानकारी के लिए मैंने यहां अर्जी लगाई है।
प्राचीन श्री शीतला माता मंदिर के पीठाधीश पंडित संदीप मिश्रा ने कहा कि शनिवार सुबह शनि भगवान का रुद्राभिषेक हुआ है। इसके बाद तेल से अभिषेक और महास्नान हुआ। फिर हवन-पूजा और महाआरती हुई संपन्न हुई है। कन्याओं को भोजन कराया जा रहा है। भक्तों में काफी उत्साह है। सभी भक्त सेवा कर रहे हैं। सुबह से ही भक्तों की काफी भीड़ है। हवन के मुख्य यजमान ज्योति मेहरोत्रा-मनोज मेहरोत्रा और प्रीति सिंह-तीरथ सिंह के साथ काफी संख्या में भक्त मौजूद रहे।


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