रविवार को सिरसा के चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर स्थानीय मुद्दों पर एक राजनीतिक बहस हुई।
कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने जिले में बढ़ते मादक पदार्थों के दुरुपयोग, खराब सीवेज व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। उन्होंने सिरसा को राज्य का सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बताया। सेतिया ने कहा, “शहर में मादक पदार्थों की गंभीर समस्या है और पानी और सीवेज जैसी बुनियादी सुविधाएं अपर्याप्त हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार और बढ़ता कचरा भी प्रमुख चिंता का विषय है।
मंच पर जवाब देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिरसा में विकास परियोजनाएं चल रही हैं और सरकार मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि नई सीवेज लाइनें बिछाई जा रही हैं और एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसी परियोजनाओं के दौरान अस्थायी असुविधा हो सकती है, लेकिन काम पूरा होने पर समस्याओं का समाधान हो जाएगा।”
उन्होंने मादक पदार्थों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान पर भी प्रकाश डाला और समुदाय से सहयोग की अपील की। अधिकारी मादक पदार्थों के विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, जिसमें उनकी अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करना भी शामिल है। सरकार ने नागरिकों के लिए मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की रिपोर्ट करने हेतु एक पोर्टल भी शुरू किया है, जिसमें शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता सुनिश्चित की गई है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सैनी चाय पीने के लिए सेतिया के आवास पर गए। इस मुलाकात से आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, सेतिया ने इसे निजी मुलाकात बताया और कहा कि मुख्यमंत्री उनके भाई की शादी में शामिल नहीं हो पाए थे, इसलिए शिष्टाचारवश चाय पीने आए थे।
सेतिया ने मुख्यमंत्री के मिलनसार स्वभाव की प्रशंसा की और राज्य के विकास को राजनीति से ऊपर रखने वाले निर्णयों की आवश्यकता पर जोर दिया।

