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विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएम योगी ने अपने आवास पर लगाया पौधा, बोले-पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी

On World Environment Day, CM Yogi planted a sapling at his residence and said, "If the environment is saved, nature will be saved."

5 जून । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधा लगाकर सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी, प्रकृति बचेगी तो जीव सृष्टि भी बचेगी, इसलिए हर नागरिक मातृभूमि के प्रति ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने पर्यावरण व प्रकृति के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए 9 वर्ष में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 2017 में शासन संभालते ही डबल इंजन सरकार ने वन महोत्सव के अवसर पर 5 करोड़ पौधरोपण कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया था। उस समय हमारे सामने तमाम चुनौतियां थीं। न नर्सरी थी और न ही इतने बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अनुभव था, लेकिन वन एवं अन्य विभागों ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया।

सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष के अंदर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया, जिससे प्रदेश का फॉरेस्ट कवर भी बढ़ा। पीएम मोदी ने प्रकृति व मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करते हुए कृतज्ञता स्वरूप तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया था। इस अभियान के क्रम में आज पौधरोपण महाभियान प्रारंभ होने जा रहा है।

उन्होंने प्रभु श्रीराम के उद्घोष ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ का भी जिक्र करते हुए कहा कि जननी व जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता हर नागरिक का दायित्व है। पर्यावरण की रक्षा मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च दायित्वों में एक है। प्रदेश सरकार पर्यावरण की रक्षा के लिए एक ओर वृहद पौधरोपण कार्यक्रम चला रही है, तो दूसरी ओर ग्लोबल वार्मिंग, क्लाइमेट चेंज, मौसम चक्र में परिवर्तन जैसी पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने के लिए भी अनेक कदम उठाए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि गांव, शहर, जनपद व प्रदेश प्लास्टिक मुक्त हो। सिंगल यूज प्लास्टिक को हतोत्साहित कर उसके स्थान पर वैकल्पिक रूप से मिट्टी के बर्तनों को प्रोत्साहित किया गया। राज्य सरकार ने इसके लिए माटी कला बोर्ड की स्थापना पर जोर दिया। अप्रैल से जून तक हर गांव व शहर के तालाबों से प्रजापति व कुम्हार समाज के लोगों को निशुल्क मिट्टी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। उन्हें मैन्युअल के साथ ही सोलर व इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए भी प्रदेश में अनेक कदम उठाए गए और अनेक मॉडल प्रस्तुत किए गए। विकास प्राधिकरण ने निश्चित क्षेत्रफल से बड़े एरिया में बनने वाले आवासीय भवनों तथा कमर्शियल परिसरों के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया है। मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सभी लोगों से पौधे लगाने और उनका संरक्षण किए जाने की अपील की।

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