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गिरफ्तारी की मांग के बीच बोलीं शिल्पा शिंदे, ‘अगर मेरी जगह कोई और होता तो शायद वही करता’

Shilpa Shinde said amid calls for her arrest, 'If someone else were in my place, they would probably have done the same thing.'

5 जून । ‘भाबीजी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली शिल्पा शिंदे इन दिनों अपने एक पुराने विवाद को लेकर चर्चा में हैं। एक पॉडकास्ट में उन्होंने खुलासा किया था कि साल 2016 में शो के निर्माता के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह झूठे थे। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।

इसी बीच नेशनल काउंसिल फॉर मेन ने उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई है। अब इस पूरे विवाद पर शिल्पा शिंदे ने खुलकर अपनी बात रखी और आईएएनएस को बताया कि उस समय में उन्होंने किन परिस्थितियों का सामना किया था।

आईएएनएस से बात करते हुए शिल्पा शिंदे ने कहा, ”उस समय मैंने जो कुछ झेला, उसे सिर्फ मैं ही समझ सकती हूं। अगर कोई दूसरा मेरी जगह होता, तो शायद वही कदम उठाता, जो मैंने उस समय उठाया था। किसी भी व्यक्ति के लिए मुश्किल हालात में सही और गलत का फैसला करना आसान नहीं होता।”

शिल्पा ने आगे कहा, ”अगर उस समय शो के निर्माता को गिरफ्तार कर लिया जाता, तो मैं खुद अपनी गिरफ्तारी की मांग करतीं। मैं कभी नहीं चाहती थीं कि किसी व्यक्ति को बिना पूरी सच्चाई सामने आए ऐसी सजा मिले, क्योंकि यह एक गैर-जमानती मामला था।”

अभिनेत्री ने कहा, ”मैं और शो के निर्माता दोनों अच्छी तरह जानते हैं कि उस समय वास्तव में क्या हुआ था। मेरी कहानी बिल्कुल साफ है, और मुझे किसी के सामने सफाई देने की जरूरत नहीं है। मैं सिर्फ उन लोगों के सामने अपनी बात रखना चाहती हूं, जो पूरे मामले को नहीं जानते।”

उन्होंने अपने बयान में आगे कहा, ”लोग किसी भी व्यक्ति का फैसला उसकी परिस्थितियों को समझे बिना नहीं कर सकते। जब कोई इंसान भावनात्मक, मानसिक और पेशेवर दबाव से गुजरता है, तब उसके फैसले भी उसी माहौल से प्रभावित होते हैं। अगर मेरी जगह कोई और व्यक्ति होता, तो शायद वह भी यही करता।”

इससे पहले शिल्पा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोग एक छोटे से वीडियो क्लिप को देखकर उन्हें जज कर रहे हैं, जबकि किसी भी बयान को समझने के लिए पूरी बात सुनना जरूरी होता है। नेगेटिव कमेंट्स उन्हें परेशान नहीं करते, क्योंकि उन्हें पता है कि उन्होंने जो किया, वह उस समय की परिस्थितियों के अनुसार किया।

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