March 13, 2026
National

मुंबई में ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा, 300 से अधिक सिम देने वाला एजेंट गिरफ्तार

Online fraud busted in Mumbai, agent who provided over 300 SIMs arrested

13 मार्च । मुंबई पुलिस की उत्तरी क्षेत्रीय डिवीजन की साइबर सेल ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 25 वर्षीय एक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देशभर में कई ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदातों में किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर साइबर जालसाजों को 300 से अधिक सिम कार्ड उपलब्ध कराए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कमल पुखराज कुलदीप के रूप में हुई है। वह निजी टेलीकॉम कंपनियों एयरटेल और वीआई के लिए पीओएस एजेंट के तौर पर काम करता था।

जांच में सामने आया है कि कुलदीप ने कई लोगों के आधार कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी कराए और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाया। इन सिम कार्डों के जरिए ठग लोगों को फोन कर विभिन्न तरीकों से धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।

पुलिस जांच के दौरान एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ जिसमें साइबर अपराधियों ने कुलदीप की ओर से जारी किए गए एक सिम कार्ड का इस्तेमाल कर ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का झांसा दिया। ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को डराया और उन्हें कथित जांच के नाम पर ऑनलाइन पूछताछ का नाटक किया। इस दौरान बुज़ुर्ग को बताया गया कि उनका नाम एक गंभीर मामले में सामने आया है और उन्हें तुरंत सहयोग करना होगा, अन्यथा उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

पीड़ित बुजुर्ग ने डर और दबाव में आकर अलग-अलग खातों में करीब 29 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद में जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस साइबर नेटवर्क तक पहुंची और सिम कार्ड के स्रोत का पता लगाते हुए पीओएस एजेंट कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया।

शिकायतकर्ता गोरेगांव निवासी 66 वर्षीय बुजुर्ग हैं, जो पश्चिमी रेलवे के अकाउंट्स विभाग से रिटायर्ड असिस्टेंट ऑफिसर हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने कितने और सिम कार्ड जारी किए और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान कॉल या ऑनलाइन पूछताछ से डरकर पैसे ट्रांसफर न करें और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें।

Leave feedback about this

  • Service